खराब ई-स्कूटी बेचने के मामले में आरोप सिद्ध होने पर उपभोक्ता फोरम ने दिया कड़ा फैसला

कोरबा 25 फरवरी। खराब गुणवत्ता वाली ई-स्कूटी बेचने और ग्राहक की समस्याओं को अनदेखा करने का अपराध सिद्ध होने पर कोरबा उपभोक्ता फोरम ने एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है।

जानकारी के अनुसार कोरबा अमरैया पारा क्षेत्र निवासी ने 19 जनवरी 2024 को एक ‘ई-स्कूटी’ उनके अधिकृत डीलर के शोरूम से खरीदी, लेकिन इस स्कूटी में डिस्प्ले समेत कई गंभीर खराबियां थीं। बताया जा रहा हैं की शुरुआत से ही डिस्प्ले में समस्या थी, और समय-समय पर अन्य तकनीकी दिक्कतें भी सामने आईं। बार-बार शोरूम से संपर्क किया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। बल्कि शो रूम बंद करने की बात कह ग्राहक से अभद्रता भी की गई। इसके कुछ समय बाद, शोरूम को ही बंद कर दिया गया, जिससे उपभोक्ता को और भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उपभोक्ता ने इस समस्या के समाधान के लिए अपने अधिवक्ता राशि सचदेवा के माध्यम से 10 अक्टूबर 2024 को लीगल नोटिस भेजा, लेकिन फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके बाद, उपभोक्ता ने उपभोक्ता फोरम का रुख किया और मामला दायर किया।

कोरबा उपभोक्ता फोरम ने मामले की सुनवाई के बाद दोनों पक्षों को सुनते हुए प्रमाणों की संलग्नता के साथ आरोप सिद्ध होने पर एक सख्त फैसला सुनाया। जिला उपभोक्ता विवाद परितोष आयोग की अध्यक्ष रंजना दत्ता और सदस्यों ममता दास और पंकज देवड़ा ने पीड़िता के पक्ष में निर्णय देते हुए आदेश दिया कि संचालक को स्कूटी सुधारने या उसी मॉडल की नई स्कूटी की कीमत वापस करनी होगी। इसके साथ ही, पीड़िता को आर्थिक क्षति के रूप में 20 हजार रुपये, मानसिक क्षति के रूप में 20 हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में 3 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश भी दिया गया। फोरम ने यह भी आदेश दिया कि यदि संचालक निर्धारित 1 महीने के भीतर यह भुगतान नहीं करता, तो उसे 6 प्रतिशत ब्याज के साथ राशि अदा करनी होगी।

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