मोड़ से बेखबर चालक नहीं संभाल पाया कार, सीधे जा गिरी नाले में

देवयोग से बचे कार में सवार सात लोग

कोरबा 10 अक्टूबर। भाग्य कभी-कभी साथ देता है तो देवयोग से हादसे होने पर भी लोगों का जीवन पर आंच नहीं आती। सीएसईबी चौकी क्षेत्रांतर्गत ढेंगुरनाला में रात्रि को हुए हादसे में कार सवार सात लोगों का सुरक्षित बचना इसे स्पष्ट करता है। घटना के कई घंटे बाद आज सुबह पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन करते हुए दुर्घटनाग्रस्त कार को मौके से निकलवाया।

कोरबा शहरी क्षेत्र में मुख्य मार्गों की जिम्मेदारी निकाय से लेकर विभाग पर टिकी हुई है। संबंधित व्यवस्थाओं का दारोमदार उन पर है। पिछली रात 11 बजे के आसपास कोरबा-कटघोरा मार्ग पर पुराने 200 मेगावाट बिजली घर के नजदीक ढेंगुरनाला पुल पर यह घटना हुई। जानकारी के मुताबिक कोरबा में कामकाज के बाद आर्टिका कार संख्या सीजी-12बीएल 1393 पर सवार होकर सात लोग पाली थाना के बसीबार गांव के निवासी हैं। ये सभी किसी काम से कोरबा आए थे और इसे निपटाने के बाद जमनीपाली के अगारखार जा रहे थे। इन लोगों को कोरबा क्षेत्र की सडकों के बारे में बेहतर जानकारी नहीं थी कि आगे सडक की स्थिति कैसी है। शहर क्षेत्र को पार करने के साथ उनकी गाड़ी ढेंगुरनाला पुल के पास पहुंचते ही टर्निंग पर अनियंत्रित हो गई।

पुलिस ने बताया कि उस दौरान चालक को कुछ समझ नहीं आया और वह अपने वाहन को संभाल नहीं सका। अगले ही क्षण उनकी कार सडक और पुल छोड़ते हुए सीधे नाले में थी। वह तो अच्छा हुआ कि देवयोग से वाहन में उपलब्ध एयरबैग की सुविधा ने भूमिका निभाई। उसके खुलने से चालक और अन्य 6 लोगों को सहारा मिला। एक घंटे तक वे दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी में बसे रहे। रास्ते से आवाजाही कर रहे लोगों को हादसे की खबर हुई जिस पर वे हरकत में आए। पुलिस को सूचित किया गया। पता चला कि संबंधितों को कुछ लोगों की मदद से रात में ही निकाल लिया गया। खास बात यह रही कि दुर्घटना में चालक सहित किसी को भी कोई चोट नहीं आई जिस पर उन्होंने राहत महसूस की और सुरक्षित बचने के लिए ईश्वर का धन्यवाद ज्ञापित किया। इधर सीएसईबी चौकी पुलिस ने आज सुबह संसाधन की व्यवस्था कर दुर्घटनाग्रस्त कार को मौके से निकलवाने की व्यवस्था की। पुलिस का कहना है कि लापरवाही और सडक की जानकारी न होने के चक्कर में यह घटना हुई है। इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे पुल-पुलियों की संख्या काफी है जो रेलिंगविहीन है। कई कारण से यहां पर पूर्व में लगाई गई रेलिंग या तो दुर्घटनाग्रस्त हो गई या तो चोर-उच्चक्कों ने अपने स्वार्थ के लिए इन्हें तोड़ दिया। ऐसे में छोटे-बड़े वाहनों को बिना रेलिंग के ही असुरक्षित रूप से ऐसे पुल-पुलियों से होकर गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में जरा सी असावधानी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है। लोगों का डर इसे लेकर स्वाभाविक है।

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