7700 मेगावाट क्षमता वाले पांच संयंत्र लगाने का खाका तैयार


कोरबा 09 नवंबर। उत्पादन कंपनी ने प्रदेश में पांच स्थानों पर पंप स्टोरेज पर आधारित संयंत्र लगाने के लिए योजना बनाई है। कुल 7700 मेगावाट क्षमता वाले इन पांच संयंत्र का खाका तैयार करने की जिम्मेदारी सेंट्रल की एजेंसी वेवकास को दी गई है। पंप स्टोरेज तकनीक पर बनने वाले संयंत्रों के लिए सबसे पहले स्थल चिंहित करना था।

गौरतलब है कि वर्तमान में बांगो बांध में 40.40 मेगावाट की तीन इकाईयों से बिजली का उत्पादन हो रहा है। हसदेव नदी पर बांगो बांध के आसपास ही जगह चिंहित करने के लिए टीम ने सर्वे किया था। टीम को ऐसी जगह की तलाश थी जहां पर ऊंचाई से पानी नीचे गिराकर उससे बिजली बनाकर फिर उसी का पानी का उपयोग किया जा सकता हो। बताया जा रहा है कि बांगो बांध से करीब 32 किमी दूर जगह चिंहित कर सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। अब संयंत्र की लागत सहित पूरी डीपीआर तैयार होगी। नए साल में इसका टेंडर लगने के बाद काम प्रारंभ होगा।

प्रस्तावित 1320 मेगावाट के थर्मल संयंत्र से पहले पंप स्टोरेज संयंत्र को अस्तित्व में लाने की तैयारी है। दरअसल थर्मल संयंत्र 2029.30 तक बन सकेगा। तब तक बिजली की डिमांड और भी बढ़ेगी। वर्तमान में ही सेंट्रल सेक्टर से बिजली अधिक लेनी पड़ रही है। इसलिए उत्पादन कंपनी का प्रयास है कि पंप स्टोरेज तकनीक वाले संयंत्र आगामी ढाई से तीन साल में तैयार हो जाएं।
गुरुत्वाकर्षण स्थितिज ऊर्जा यकायनेटिक फोर्सद्ध का उपयोग करते हुए पानी को निचले स्थान पर छोड़कर टरबाइन घुमाई जाती हैए जिससे बिजली बनती है। पुरानी तकनीक वाले जल विद्युत संयंत्रों में पानी नदी में बहा दिया जाता हैए लेकिन नई तकनीक में टरबाई से पानी गिरने के बाद उसे स्टोर किया जा सकेगा। दिन के समय सौर ऊर्जा से मिलने वाली सस्ती बिजली से पानी को फिर से ऊपर वाले स्टोरेज में डाला जाएगा। इससे एक ही पानी का उपयोग कई बार बिजली बनाने में किया जा सकेगा

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