एकता यूनियन की कर्मचारी एकता तोडऩे कंपनी प्रबंधन सख्त, सामूहिक अवकाश में शामिल हुए तो वेतन भी कटेगा और होगी कार्यवाही भी

कोरबा 1 अप्रैल। छत्तीसगढ़ तकनीकी विद्युत कर्मचारी एकता यूनियन ने अपनी मांग के समर्थन में 5 अप्रैल को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश का ऐलान किया है। जिसे लेकर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड मुख्य अभियंता मानव संसाधन ने विद्युत मंडल के तीनों कंपनियों के सभी विभाग प्रमुखों को परिपत्र जारी किया है। आंदोलन में शामिल होने वाले कर्मियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। जिसके जिसके अनुसार धरना, आंदोलन, भूख हड़ताल, प्रदर्शन व सामूहिक अवकाश आदि के लिए आवेदन को अस्वीकृत कर अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मियों के वेतन से उसी माह कटौती किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रावधानों के अंतर्गत प्रदर्शन तथा हड़ताल और स्वीकृत होने के पूर्व अवकाश पर प्रस्थान कर्मचारियों के लिए प्रतिबंधित है। ऐसे कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के अनुसार कदाचरण की श्रेणी में आता हैं। कर्मचारियों द्वारा ऐसे कृत्य किए जाने पर वह अनुशासनात्मक कार्यवाही के पात्र होंगे। बिना पूर्व स्वीकृति के कर्मचारियों द्वारा कार्यालयीन अवधि में सामूहिक अवकाश और आंदोलन की स्थिति में वेतन इत्यादि देय नहीं होगाए नहीं किसी प्रकार की अनुपस्थिति के दिवसों का अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। ऐसे दिवसों की अवधि का कोई वेतन इत्यादि भविष्य में भी देय नहीं होगा। इस अवधि को ब्रेक इन सर्विस माना जाएगा। एकता यूनियन के सामूहिक अवकाश में भाग लेने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध की जाने वाली कार्यवाही के संबंध में कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया है। इसके बावजूद भी अगर आंदोलन में भाग लिया जाता है तो ऐसे कर्मचारियों के नाम, पद और पदस्थ कार्यालय की सूची संबंधित विद्युत विद्युत कंपनी के मुख्यालय स्थित मानव संसाधन विभाग को सूचनार्थ प्रेषित करने कहा गया है। अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहकर धरना प्रदर्शन हड़ताल, रैली और सामूहिक अवकाश पर रहने वाले कर्मचारियों की वेतन कटौती नियम अनुसार करने कहा गया है। साथ ही की गई कार्यवाही से संबंधित सूचना विभाग को प्रेषित करने निर्देशित किया गया है।औद्योगिक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिला व पुलिस विभाग से सहयोग प्राप्त करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा गया है।

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