प्रबंधन से जुड़े लोगों को धमकाने में तुले हैं चोर-उचक्के

कोरबा 1 मई। जिस सुराकछार कोयला खदान को बंद करने की मानसिकता एसईसीएल प्रबंधन बना रहा है उसको लेकर चौकाने वाली जानकारी भी सामने आ रही है। यहां चोरी के इरादे से आने वाले तत्व सरेआम प्रबंधन से जुड़े लोगों को धमका रहे हैं कि वे अच्छी क्वालिटी का कोयला क्यों नहीं निकाल रहे हैं। पत्थर और दूसरी चीजें सामने आने से उन्हें दिक्कत होती है।   

एचएमएस के राष्ट्रीय पदाधिकारी नाथूलाल पांडेय ने इसका खुलासा मीडिया से चर्चा के दौरान किया। प्रवास पर आए पांडेय एसईसीएल गेस्ट हाउस में चर्चा कर रहे थे। उन्होंने हैरानी जताई कि अराजक तत्वों के हौसले कोरबा जिले में कुछ ज्यादा ही बढ़ गए हैं। प्रबंधन अपने स्तर पर नियंत्रण कर रहा है लेकिन राज्य सरकार के सिस्टम का सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उनका इशारा सीधे तौर पर पुलिस की ओर था। पांडेय ने बताया कि कोयला खनन के दौरान कई प्रकार के चरण से होकर हमारा अमला गुजरता है। इसमें कहीं पर कोयला की पट्टी के साथ-साथ स्टोन भी शामिल होता है। ऐसे में हर सामान सामने आएगा। सुराकछार में चोरी-चकारी करने वाला वर्ग इसी बात से परेशान है कि आखिर उसके हाथ में कोयला और दीगर सामान क्यों आ रहा है। एचएमएस नेता ने कहा कि कोल इंडिया पर देश में कोयला आपूर्ति के लिए लगातार दबाव बढ़ रहा है। इसके पीछे की असली वजह यह है कि विदेशों से आयात किये जाने वाले कोयला की मात्रा काफी कम कर दी गई है और भविष्य में इसे पूरी तरह समाप्त करना है। इसलिए कोल इंडिया अपनी परियोजनाओं की संख्या बढ़ाने के साथ उत्पादन को तेज कर रहा है। उन्होंने कहा कि 12 मई को स्टेयरिंग कमेटी की बैठक सीएमडी के साथ होना है। इस बारे में एजेंडे के साथ खदानों से चोरियां रोकने को लेकर खासतौर पर बात रखी जाएगी। उन्होंने डीजल चोरी की घटनाओं में कमी आने के लिए कुसमुंडा क्षेत्र के सीजीएम संजय मिश्रा के प्रयास की सराहना की।

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