कांकेर पंजीयन में सबसे आगे, सात जिलों से मिली भागीदारी
बस्तर संभाग के सातों जिलों से खिलाड़ियों ने बड़ी संख्या में पंजीयन कराया है। जिलावार आंकड़ों के अनुसार कांकेर 1 लाख 23 हजार 216 पंजीयन के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद बस्तर जिले से 1 लाख 4 हजार 841, कोण्डागांव से 85 हजार 584, सुकमा से 80 हजार 313, दंतेवाड़ा से 80 हजार 175, नारायणपुर से 63 हजार 506 और बीजापुर से 62 हजार 857 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है।
खिलाड़ियों का पंजीयन 1 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक किया गया था। बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी से इस आयोजन को व्यापक स्वरूप मिला है।
तीन चरणों में होंगी प्रतियोगिताएं
बस्तर ओलंपिक की शुरुआत विकासखंड स्तर की प्रतियोगिताओं से होगी। इसके विजेता जिला स्तरीय मुकाबलों में हिस्सा लेंगे और जिला स्तर पर सफल खिलाड़ी संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विकासखंड स्तरीय मुकाबले 4 से 6 नवंबर तक, जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं 16 से 25 नवंबर तक और संभाग स्तरीय आयोजन 7 से 11 दिसंबर तक प्रस्तावित हैं। प्रत्येक जिले से 410 विजेता खिलाड़ी संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में अपने जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। हॉकी और वेटलिफ्टिंग के मुकाबले सीधे जिला स्तर पर आयोजित किए जाएंगे।
11 खेल विधाओं में दिखेगा खिलाड़ियों का दम
प्रतियोगिता में जूनियर और सीनियर दो वर्ग बनाए गए हैं। जूनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष के बालक-बालिकाएं हिस्सा लेंगे, जबकि सीनियर वर्ग में महिला और पुरुष खिलाड़ियों के लिए आयु सीमा का बंधन नहीं रखा गया है।
बस्तर ओलंपिक में कुल 11 खेल विधाओं के मुकाबले होंगे। इनमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साकशी शामिल हैं।
दिव्यांग खिलाड़ियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी मौका
इस आयोजन में नक्सल हिंसा के कारण दिव्यांग हुए खिलाड़ियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों की भागीदारी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। ऐसे प्रतिभागियों को विकासखंड और जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे संभाग स्तरीय आयोजन में हिस्सा ले सकेंगे।
इस पहल के जरिए खेलों को अधिक समावेशी बनाने और अलग-अलग परिस्थितियों से आने वाले लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है।
अरुण साव ने जताया बस्तरवासियों का आभार
उप मुख्यमंत्री एवं खेल तथा युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने तीसरे बस्तर ओलंपिक में रिकॉर्ड पंजीयन के लिए बस्तरवासियों के उत्साह की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पिछले दोनों आयोजनों ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
उनके अनुसार, बस्तर ओलंपिक का उद्देश्य शासन और आम लोगों के बीच सीधा जुड़ाव मजबूत करना, क्षेत्र के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और उनकी खेल प्रतिभा को पहचानकर उन्हें खिलाड़ी के रूप में तैयार करना है।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने खेल प्रेमियों, अभिभावकों और नागरिकों से खेल मैदानों में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने की अपील की है।
