रायपुर – दिवाली पर सरकारी योजना का लाभ दिलाने और मुफ्त पैसे देने के नाम पर साइबर ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं। ठग सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों के डीपफेक वीडियो बनाकर फर्जी सरकारी योजनाओं का प्रचार कर रहे हैं।
लोगों को विज्ञापन और वाट्सएप पर लिंक भेजकर योजना के लिए चुने जाने की जानकारी दी जाती है। इसके बाद लाभ की राशि जारी करने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस, टैक्स या सत्यापन शुल्क मांगा जा रहा है।
देश में इस तरह की ठगी के मामले बढ़ने के बाद भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है। इसमें पुलिस को बताया गया है कि फर्जी विज्ञापनों के जरिए आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है।
वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के ठगी का शिकार होने का खतरा ज्यादा है। ठग +92 कोड वाले विदेशी नंबरों से भी संपर्क कर रहे हैं।
दिवाली पर 8 हजार रुपए के इनाम का झांसा
पुलिस कमिश्नरेट ने भी दिवाली पर 8 हजार रुपए का लाभ देने वाले वायरल वाट्सएप लिंक से सावधान रहने की अपील की है। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से निजी और बैंकिंग जानकारी चोरी होने का खतरा है। लिंक खोलने से पहले यह जरूर जांच लें कि उसमें एपीके फाइल तो नहीं है। अनजान एपीके फाइल डाउनलोड करने से मोबाइल की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इस फाइल पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो जाता है।
इन राज्यों में सामने आए ठगी के मामले
लखनऊ वाट्सएप पर आए मैसेज का जवाब देते ही एक सीए के दो बैंक खातों से 1.70 लाख रुपए पार हो गए।
हैदराबाद 8 हजार रुपए के इनाम वाले वायरल लिंक से हैदराबाद के बुजुर्ग और महिला के साथ ठगी हुई है।
राजस्थान साइबर ठगों ने त्योहारी-शादी के सीजन में डिजिटल शादी के कार्ड के नाम पर एपीके फाइल भेजने का तरीका अपनाया है।
मोहाली मोहाली पुलिस ने भी दिवाली गिफ्ट के नाम पर वाट्सएप पर आ रहे अनजान लिंक से सतर्क रहने की अपील की है।
