रायपुर- सट्टा एप के खिलाफ भारतीय एजेंसियों को 3 दिन में दूसरी बड़ी सफलता मिली है। एप के सह-प्रमोटर रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किया गया है। भारत ने उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे पहले एप के दूसरे प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर 1 नवंबर को भारत लाया गया था।
उप्पल को अक्टूबर 2023 में ईडी ने आरोपी बनाया था। वह अपराध की कमाई को छिपाने और छत्तीसगढ़ में नौकरशाहों व नेताओं तक राशि पहुंचाने की व्यवस्था संभालता था। दोनों भिलाई के हैं। सट्टा एप 2019-20 में शुरू हुआ था। एजेंसी का दावा है कि अपराध से करीब 80 हजार करोड़ की रकम अर्जित हुई।
सौरभ 8 दिन की सीबीआई रिमांड पर, दिल्ली में पूछताछ
महादेव सट्टा एप के मुख्य आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को बुधवार सुबह रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया। सौरभ नकाब लगाए हुए था। सीबीआई ने पूछताछ के लिए उसकी रिमांड मांगी। सुप्रीम कोर्ट से आए सौरभ के वकील तुषार गिरी ने इसका विरोध किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सीबीआई को 8 दिन की रिमांड मंजूर कर दी। सीबीआई ने दिल्ली में पूछताछ की अनुमति मांगी, जिस पर बचाव पक्ष ने भी सहमति दी। कोर्ट ने भी इसकी मंजूरी दे दी। अब सीबीआई पूछताछ करेगी। 12 नवंबर को उसे दोबारा रायपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा। महासमुंद के पूर्व विधायक भी सौरभ से मिलने कोर्ट पहुंचे।
अब दुबई में छिपे महादेव एप के संचालक विकास और अतुल की बारी
महादेव सट्टा एप के प्रमोटर सौरभ, रवि उप्पल के बाद अब सीबीआई की नजर विकास छापरिया और अनिल अग्रवाल उर्फ अतुल पर है। दोनों दुबई में छिपे हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, एप संचालन और अवैध कमाई को ठिकाने लगाने में इनकी अहम भूमिका है।
अतुल बेटिंग आईडी और पैनलों का संचालन देखता है, जबकि विकास हवाला नेटवर्क से सट्टे की कमाई को वैध बनाता है। दोनों के खिलाफ ईडी की विशेष अदालत से गैरजमानती वारंट जारी हो चुके हैं।
एजेंसियों को आशंका है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों वानुआतु भाग सकते हैं। इनकी गिरफ्तारी से महादेव एप के आर्थिक नेटवर्क और संचालन से जुड़े कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
रेस्टोरेंट में लाइव मैच दिखाकर सट्टा खिलाने का नेटवर्क: जांच एजेंसियों के मुताबिक, विकास छापरिया ने सट्टेबाजी का कारोबार बढ़ाने के लिए रेस्टोरेंट और क्लबों का नेटवर्क भी तैयार किया। आरोप है कि मैचों की लाइव स्ट्रीमिंग और कॉकटेल पार्टियों के दौरान लोगों को सट्टा लगाने के लिए प्रेरित किया जाता था। सबसे अधिक रकम जीतने वालों को रेस्टोरेंट की ओर से अलग पुरस्कार दिए जाते थे। रायपुर के भी एक दर्जन से अधिक रेस्टोरेंट इस नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। हाल ही में पुलिस ने सट्टेबाजी से जुड़े नितिन मोटवानी उर्फ चीकू को गिरफ्तार किया है। वह सिमर्स क्लब का संचालक बताया जा रहा है।
सौरभ की 50%, रवि की 25% हिस्सेदारी: बताया जा रहा है कि एप में सौरभ की 50%, रवि उप्पल की 25%, शुभम सोनी की 10%, अनिल अग्रवाल उर्फ अतुल की 15% हिस्सेदारी है।
शेल कंपनियों के जरिए शेयर बाजार में निवेश, 236 करोड़ फ्रीज: मूल रूप से कोलकाता का रहने वाला विकास छापरिया दुबई से महादेव एप का हवाला नेटवर्क संचालित करता रहा है। ईडी की जांच के मुताबिक, उसने सहयोगी गोविंद केडिया के साथ मिलकर परफेक्ट प्लान इन्वेस्टमेंट, एग्जिम जनरल ट्रेडिंग और टेकप्रो आईटी सॉल्यूशंस जैसी कंपनियों का इस्तेमाल अवैध कमाई को निवेश में खपाने के लिए किया।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) के जरिए भारतीय शेयर बाजार में करोड़ों रुपए लगाए गए। ईडी विकास से जुड़ी कंपनियों और संस्थाओं के नाम पर दर्ज करीब 236.3 करोड़ रुपए मूल्य की नकदी, डेरिवेटिव और शेयर फ्रीज कर चुकी है।
पैनल ऑपरेटर लगातार दुबई भेज रहे कार्रवाई का अपडेट
प्रदेश के 2 हजार से ज्यादा पैनल ऑपरेटरों की नजर एजेंसियों की कार्रवाई पर है। वे दुबई में बैठे प्रमोटर को लगातार अपडेट दे रहे हैं। कई युवक रवि के संपर्क में थे। ये भी चर्चा है कि सौरभ व रवि के पकड़े जाने के बाद अब सट्टेबाजी का नेटवर्क भिलाई के अनिल छापरिया के साथ शुभम सोनी और अन्य लोग संभाल रहे हैं।
अनिल रायगढ़ और जांजगीर-चांपा के कई सटोरियों के संपर्क में है। इनके माध्यम से एजेंसियों की कार्रवाई की जानकारी जुटाई जा रही है। रायपुर के क्लब संचालकों के अलावा दुर्ग-भिलाई के कई कारोबारी और नेता भी उनके संपर्क में हैं। महादेव सट्टा मामले में प्रदेश में 80 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हैं। सीबीआई ने इनमें से 12 मामलों में जांच कर चार्जशीट पेश की है।
