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R.O. No. 13952/23

 

  रायपुर –  छाती में दर्द और भारीपन की शिकायत लेकर अंबेडकर अस्पताल पहुंचे 60 साल के मरीज की जांच में हृदय के पास कैंसर की बड़ी गांठ मिली। यह गांठ हृदय की प्रमुख मुख्य नसों, बाएं फेफड़े और हृदय की बाहरी झिल्ली से चिपकी हुई थी।

कैंसर सर्जरी और हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने करीब चार घंटे तक ऑपरेशन कर गांठ को सफलतापूर्वक निकाल दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर रही और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि रायपुर का मरीज छाती में दर्द और भारीपन की शिकायत लेकर अस्पताल की ओपीडी में पहुंचा था। इससे पहले एक निजी अस्पताल में जांच के दौरान बायोप्सी में उसे इनवेसिव थाइमोमा (कैंसर) होने की पुष्टि हुई थी।

मरीज की कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी भी हो चुकी थी। इसके बाद छाती का कॉन्ट्रास्ट सीटी स्कैन कराया गया। जांच में छाती के अगले हिस्से में करीब 5 × 4.3 × 2.5 सेंटीमीटर की गांठ मिली। यह गांठ हृदय से जुड़ी मुख्य नसों महाधमनी और पल्मोनरी आर्टरी के पास थी।

 

दो विभागों के डॉक्टरों ने बनाई ऑपरेशन की योजना

गांठ की स्थिति काफी जटिल थी। वह हृदय की प्रमुख नसों के साथ बाएं फेफड़े और हृदय की बाहरी झिल्ली से भी चिपकी हुई थी। इसे देखते हुए कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता ने हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. केके साहू से चर्चा की। दोनों विभागों के डॉक्टरों ने मरीज की स्थिति की जांच करने के बाद मिलकर ऑपरेशन करने का फैसला लिया।

अम्बेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर और उन्नत इलाज देने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
अम्बेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर और उन्नत इलाज देने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

चार घंटे तक चली सर्जरी, दो यूनिट खून चढ़ाया

ऑपरेशन के दौरान छाती के बीच में चीरा लगाकर मीडियन स्टर्नोटॉमी तकनीक से गांठ तक पहुंच बनाई गई। करीब 5 × 4 सेंटीमीटर की गांठ महाधमनी, पल्मोनरी आर्टरी, बाएं फेफड़े और हृदय की बाहरी झिल्ली से चिपकी हुई थी।

डॉक्टरों ने सावधानी से गांठ को हृदय की झिल्ली के एक हिस्से और बाएं फेफड़े के कुछ हिस्से के साथ निकाल दिया। करीब चार घंटे चले ऑपरेशन के दौरान मरीज को दो यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। सर्जरी में कोई बड़ी परेशानी नहीं आई और ऑपरेशन सफल रहा।

डॉक्टरों की टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस जटिल ऑपरेशन में डॉ. आशुतोष गुप्ता और डॉ. केके साहू के नेतृत्व में डॉ. किशन सोनी, डॉ. गुंजन अग्रवाल, डॉ. सोनम, डॉ. समृद्ध, डॉ. लावण्या, डॉ. आशीष मालव, डॉ. गौरव और डॉ. अक्षय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ऑपरेशन के दौरान निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. संकल्प भी टीम में शामिल रहे। डॉ. गुप्ता के अनुसार, मरीज को ऑपरेशन के बाद नियमित निगरानी में रखा गया। अब वह पूरी तरह ठीक है और सामान्य जीवन जी रहा है।

टीम वर्क से जटिल ऑपरेशन में मिली सफलता

अंबेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर और उन्नत इलाज देने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस ऑपरेशन में कैंसर सर्जरी और हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने आपसी तालमेल, विशेषज्ञता और सावधानी के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर गंभीर और जटिल बीमारियों का भी सफलतापूर्वक इलाज कर रहे हैं।

अंबेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज देने की लगातार कोशिश की जा रही है। इस ऑपरेशन में कैंसर सर्जरी और हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने मिलकर सावधानी से काम किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल के एक्सपर्ट डॉक्टर अब गंभीर और जटिल बीमारियों का भी सफल इलाज कर रहे हैं।

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