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गुजरात-    गुजरात के एकता नगर में आयोजित भारत पर्व 2026 में छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और पारंपरिक हस्तशिल्प आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। 15 दिवसीय इस आयोजन का उद्घाटन शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के स्टॉल का अवलोकन किया और प्रदेश की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत की सराहना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्टॉल पर मौजूद बस्तर और नारायणपुर के शिल्पकारों से बातचीत की। इस दौरान कलाकारों ने बस्तरिया रेला की प्रस्तुति देकर उनका स्वागत किया। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की इस झलक ने आयोजन में खास आकर्षण पैदा किया।

डोकरा और बांस शिल्प ने खींचा ध्यान

छत्तीसगढ़ के स्टॉल पर प्रदेश की पारंपरिक हस्तशिल्प कला को खास जगह दी गई है। यहां डोकरा शिल्प, बांस शिल्प, लौह शिल्प और कोसा की साड़ियों का प्रदर्शन किया गया है। इन कलाकृतियों के जरिए प्रदेश के शिल्पकारों की पारंपरिक कारीगरी और उनकी रचनात्मकता को प्रदर्शित किया जा रहा है।

चित्रकोट जलप्रपात और चंपारण की भी जानकारी

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की ओर से लगाए गए इस स्टॉल में हस्तशिल्प के साथ पर्यटन स्थलों को भी प्रदर्शित किया गया है। यहां आने वाले लोगों को चित्रकोट जलप्रपात, चंपारण और प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा पर्यटन रिसॉर्ट और राज्य में पर्यटन की संभावनाओं से भी लोगों को परिचित कराया जा रहा है।

देशभर के लोगों तक पहुंचेगी छत्तीसगढ़ की पहचान

पर्यटन मंडल की डॉ. सुभदा चतुर्वेदी के अनुसार, स्टॉल का उद्देश्य प्रदेश की पारंपरिक शिल्पकला और सांस्कृतिक विरासत को देशभर के लोगों तक पहुंचाना है। भारत पर्व के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, लोकपरंपराओं और हस्तशिल्प को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।

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