आवास निर्माण के साथ बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं पर फोकस
मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मंडल के पास अनुभवी अभियंताओं और तकनीकी कर्मचारियों का बड़ा मानव संसाधन है। इसका उपयोग आवास निर्माण के साथ सड़क, पुल-पुलिया, स्टेडियम, खेल परिसर, सार्वजनिक भवन और शहरी पुनर्विकास जैसी परियोजनाओं में भी किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से आधुनिक निर्माण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण और बेहतर परियोजना प्रबंधन में दक्षता बढ़ाने की अपील की।
700 करोड़ रुपये की ऋण देनदारी समाप्त करने का दावा
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से मंडल की लगभग 700 करोड़ रुपये की ऋण देनदारी समाप्त की गई है। वहीं, वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस-2) योजना और विपणन प्रयासों के जरिए लंबे समय से अविक्रित आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के विक्रय को गति मिली है। उन्होंने कहा कि भविष्य की योजनाओं में वास्तविक मांग, निर्माण गुणवत्ता और वित्तीय व्यवहार्यता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अधिनियम संशोधन से बढ़ा मंडल का कार्यक्षेत्र
मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि 24 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित अधिनियम संशोधन के जरिए मंडल के नाम और कार्यक्षेत्र का विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि अब संस्था को आवास निर्माण के साथ नगर विकास और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं में भी भूमिका निभानी है। अध्यक्ष ने बकाया राशि की वसूली तेज करने और संपत्तियों के प्रभावी प्रबंधन पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, बकायादारों को विलंबित अवधि के ब्याज और जलकर पर भारित सरचार्ज में 50 प्रतिशत छूट दी जा रही है।
पीपीपी मॉडल और आधुनिक सुविधाओं से विकसित होंगे आवासीय परिसर
अध्यक्ष ने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी), टाउन प्लानिंग स्कीम और पुनर्विकास जैसे मॉडल अपनाकर नई परियोजनाओं को गति दी जा सकती है। मंडल का लक्ष्य प्रदेश के सभी 33 जिलों में बेहतर सुविधाओं वाले व्यवस्थित और सुरक्षित आवासीय परिसर उपलब्ध कराना है। नई योजनाओं में उद्यान, बाजार, सामुदायिक सुविधाओं और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन जैसी आधुनिक सुविधाओं पर भी ध्यान देने की बात कही गई।
IIM, IIIT और NIT के विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण
नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में आईआईएम रायपुर, आईआईआईटी नवा रायपुर और एनआईटी रायपुर के विशेषज्ञों ने सुशासन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), वित्तीय प्रबंधन, संपदा प्रबंधन और आधुनिक निर्माण तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया। आईआईएम रायपुर के निदेशक डॉ. संजीव पाराशर ने सुशासन और प्रशासनिक प्रबंधन, आईआईआईटी नवा रायपुर के प्रोफेसर डॉ. श्रीनिवास के.जी. ने एआई तथा एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर डॉ. जी.डी. रामटेकर ने स्ट्रक्चरल डिजाइन और आरसीसी संरचनाओं की मजबूती पर जानकारी दी। मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को कार्यक्षेत्र में लागू कर गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया।
