शिकायत के सत्यापन के बाद दर्ज हुआ मामला
लोकायुक्त को मनीष कुमार जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया द्वारा किए गए सत्यापन में शिकायत प्रथमदृष्टया सही पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद अधिकारी से संबंधित संपत्तियों और खर्चों की जानकारी जुटाने के लिए छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई।
1.03 करोड़ की आय के मुकाबले 3.78 करोड़ रुपये का खर्च
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच के अनुसार, अधिकारी की कुल ज्ञात आय 1,03,73,317 रुपये बताई गई है, जबकि अब तक 3,78,25,707 रुपये का व्यय सामने आया है। एजेंसी ने इसे आय का 264.64 प्रतिशत अनुपातहीन व्यय बताया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि सामने आए खर्च और संपत्तियों के स्रोत क्या हैं तथा उनका ज्ञात आय से कितना संबंध है। यह आंकड़े प्रारंभिक जांच से संबंधित हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पत्नी के नाम प्लॉट, कार और दोपहिया वाहन की जानकारी
जांच के दौरान अधिकारी की पत्नी के नाम करीब 402 वर्गमीटर का प्लॉट दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा पत्नी के नाम मारुति स्विफ्ट कार और सुजुकी एक्सेस दोपहिया वाहन खरीदे जाने का भी उल्लेख है। लोकायुक्त परिवार के नाम पर ली गई बीमा पॉलिसियों और अन्य वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
बीमा पॉलिसियों पर 33.94 लाख रुपये के खर्च की जांच
लोकायुक्त के मुताबिक, परिवार के सदस्यों के नाम ली गई बीमा पॉलिसियों पर करीब 33.94 लाख रुपये खर्च किए जाने की जानकारी मिली है। इसके साथ ही सागर जिले के बंडा में अधिकारी के माता-पिता के नाम जमीन पर बने मकानों का भी सत्यापन किया जा रहा है। जांच का उद्देश्य संबंधित संपत्तियों और खर्चों के स्रोतों का पता लगाना है।
छापेमारी के लिए तीन टीमें गठित
कार्रवाई को अंजाम देने के लिए लोकायुक्त ने तीन टीमें गठित की हैं। पहली टीम में उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी और निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया सहित अन्य सदस्य शामिल हैं। दूसरी टीम में उप पुलिस अधीक्षक रेखा प्रजापति तथा निरीक्षक शशि मस्कुले और जितेंद्र यादव सहित अन्य सदस्य हैं। तीसरी टीम का नेतृत्व निरीक्षक रजनी तिवारी कर रही हैं। फिलहाल दस्तावेजों और संपत्तियों का सत्यापन जारी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
