रायपुर – त्योहार के दौरान राजधानी के बाजारों में बाहरी गिरोहों की सक्रियता का खतरा बढ़ गया है। ये गिरोह खरीदारी करने निकली महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाकर कुछ ही दिनों में शहर छोड़ देते हैं। हाल में दो वारदातों के बाद पुलिस को महिला गिरोह की सक्रियता का संदेह है। पुलिस अलर्ट जारी करने और कारोबारियों के साथ सुरक्षा बैठक की तैयारी कर रही है।
गोलबाजार में 70 वर्षीय खैरून निशा को ऑटो में शॉल से ढककर करीब पौने दो लाख रुपए की सोने की चेन चोरी कर ली गई। इसके दो दिन पहले खमतराई में ऑटो में उल्टी का बहाना बनाकर जूता-चप्पल कारोबारी हाशिम खान की जेब से 21 हजार रुपए निकाल लिए गए।
पुलिस के मुताबिक दूसरे राज्यों के आधा दर्जन से ज्यादा गिरोह त्योहारों पर शहर आते हैं। लूट और उठाईगिरी रोकना बड़ी चुनौती है। पुलिस निजी संस्थानों और दुकानों के सीसीटीवी कैमरों का रुख बाजारों और सड़कों की ओर कराने की तैयारी में है, ताकि वारदात के बाद भागने वाले संदिग्धों की पहचान हो सके।
जानिए त्योहार के दौरान कौन-कौन से गिरोह रहते हैं सक्रिय
ऑटो में पैसे-जेवर पार करने वाले गिरोह: बिहार के मोतिहारी, महाराष्ट्र के अमरावती और तेलंगाना के महिला गिरोह ऑटो में यात्रियों को बातचीत में उलझाकर या दुपट्टे से ढककर जेवर और नकदी चुराते हैं। दो वारदातों के बाद गिरोह के शहर छोड़ने की आशंका रहती है।
चेन स्नेचिंग करने वाले गिरोह: ओडिशा के गंजाम और एमपी के जनजातीय गिरोह चेन स्नैचिंग करते हैं। वारदात में चोरी की बाइक का इस्तेमाल करते हैं। छिपने के लिए आउटर में किराए पर घर लेते हैं। वारदात के बाद शहर छोड़ देते हैं।
ग्राहक बनकर दुकानों में उठाईगिरी: महाराष्ट्र के नागपुर-अमरावती, यूपी के कानपुर-मेरठ और छत्तीसगढ़ के अकलतरा से महिला गिरोह त्योहारों पर सक्रिय होती हैं। महिलाएं सराफा दुकानों में ग्राहक बनकर आती हैं। कारोबारी को बातों में उलझा जेवर चुराकर शहर छोड़ देती हैं।
केमिकल से कारों में चोरी: आंध्रप्रदेश और कर्नाटक का त्रिची गिरोह बाजार-शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के बाहर खड़ी कारों को निशाना बनाता है। शीशे को केमिकल डालकर तोड़ने के बाद भीतर का सामान पार कर देते हैं। तीन साल में ऐसे दर्जनभर मामले हुए।
जांच के बहाने ठगी: महाराष्ट्र-कर्नाटक के ईरानी गिरोह फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ठगी करते हैं। बुजुर्ग महिलाओं को डराकर रोकते हैं। जेवर उतारकर सुरक्षित रखने का झांसा देते हैं। कपड़े में लोहे के टुकड़े थमाने के बाद असली जेवर लेकर भाग जाते हैं।
पॉश कॉलोनियों में चोरी: मध्यप्रदेश के धार का गिरोह कवर्ड कैंपस, पॉश कॉलोनियों और आउटर के मकानों में चोरी करता है। सदस्य पत्थर लेकर चलते हैं। विरोध करने पर हमला करते हैं। वारदात के बाद शहर छोड़ने की आशंका रहती है।
मोबाइल दुकानों में चोरी: बिहार के घोड़ासाहन और मोतिहारी के गिरोह सक्रिय रहते हैं। गिरोह के नाबालिग सदस्य रात में मोबाइल दुकानों के बाहर सोते हैं। मौका देखकर शटर तोड़ अंदर घुसते हैं। चोरी के मोबाइल नेपाल में बेचने की सूचनाएं हैं।
एटीएम कार्ड बदलकर ठगी: दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के युवक एटीएम में लोगों की मदद के बहाने कार्ड बदल देते हैं। खासकर बुजुर्ग और ग्रामीण लोगों को दूसरा कार्ड थमाकर उनके खाते से रुपए निकाल लेते हैं।
त्योहारों के दौरान वारदात करने वाले गिरोहों के बारे में सभी थानों को जानकारी दी जाएगी, ताकि उनके अपराध करने के तरीके का पता रहे। बाजारों में सादे कपड़ों में जवानों को तैनात किया जाएगा। -डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस कमिश्नर
