राजनांदगांव और डोंगरगांव में मुकेश बंसल ने लिया निर्माण कार्यों का जायजा, सड़क की चौड़ाई और GSB की मोटाई की जांच के आदेश
कॉलेज की 10 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण रोकने की तैयारी, पुराने विश्राम गृह के सुधार कार्यों के लिए तय की 15 से 20 दिन की समय-सीमा
रायपुर, 22 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में सड़क, पुल और सरकारी भवनों के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने सख्ती दिखाई है। राजनांदगांव और डोंगरगांव क्षेत्र में निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने सड़क निर्माण एवं मरम्मत की गुणवत्ता पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण स्थलों पर पहुंचकर काम की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
सड़क की चौड़ाई, GSB और लेवल की होगी जांच
सचिव ने राजनांदगांव से अंबागढ़ चौकी मार्ग के फोरलेन चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क की विभिन्न परतों, निर्धारित चौड़ाई और लेवल की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। ग्राम पैरी नाला में निर्माणाधीन पुल की नींव, पिलर, कैप और अन्य संरचनात्मक कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जल निकासी और तकनीकी मापदंडों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
ग्राम सुखरी से दीवानभेड़ी तक निर्माणाधीन सड़क का जायजा लेते हुए उन्होंने खुदाई, बेस निर्माण और अन्य कार्यों की गुणवत्ता जांचने को कहा। निर्माण कार्यों की वीडियोग्राफी और आवश्यक अभिलेखों का संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
कॉलेज की जमीन को अतिक्रमण से बचाने के निर्देश
डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम अर्जुनी में निर्माणाधीन नवीन शासकीय महाविद्यालय भवन का निरीक्षण करते हुए सचिव ने लगभग 10 एकड़ भूमि का विधिवत सीमांकन कराने और चारों ओर सीमा-चिह्न के रूप में पिलर स्थापित करने को कहा। भूमि और पहुंच मार्ग से संबंधित राजस्व अभिलेख अद्यतन कराने के निर्देश भी दिए गए।
दो मंजिला भवन में फ्लोरिंग, प्लास्टर और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लेते हुए उन्होंने प्रवेश द्वार और सड़क के स्तर में अंतर को ध्यान में रखकर सुगम आवागमन सुनिश्चित करने को कहा। दिव्यांगजनों के लिए उपयुक्त रैंप बनाने की संभावनाएं तलाशने तथा वर्षा जल निकासी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
विश्राम गृह के सुधार के लिए 20 दिन की समय-सीमा
डोंगरगांव स्थित पुराने विश्राम गृह के निरीक्षण के दौरान मुख्य भवन को लोक निर्माण विभाग के कार्यालय के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया गया। परिसर के उपयोग योग्य भवनों की मरम्मत कर उन्हें कार्यालय और भंडारण कक्ष के रूप में इस्तेमाल करने को कहा गया।
जर्जर संरचनाओं को हटाने, परिसर का समतलीकरण और साफ-सफाई कराने सहित आवश्यक सुधार कार्य 15 से 20 दिनों के भीतर पूरे करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सड़क की स्थिति सुधारने, रोड मार्किंग एवं सेंटर लाइन बनाने तथा डिवाइडर की सफाई और रंग-रोगन कराने को कहा गया।
अधिकारियों को नियमित निरीक्षण की जिम्मेदारी
PWD सचिव ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने ठेकेदारों से निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार काम कराने, तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने और सभी परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एन.के. जयंत, अधीक्षण अभियंता अपर्णा चौरपगार और कार्यपालन अभियंता रितु खरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
