रायपुर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी राजधानी रायपुर की एक ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। रावणभाठा मैदान में आयोजित विजयादशमी उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने दशहरा आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये प्रदान करने का ऐलान किया। लगभग 170 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि अपनी विरासत को सहेजना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।
दशहरा आयोजन के लिए हर साल मिलेगी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 20 अक्टूबर 2026 को राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान में आयोजित विजयादशमी उत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं और रावणभाठा दशहरा उत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी इस आयोजन की लगभग 170 वर्ष पुरानी परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दूधाधारी मठ द्वारा प्रतिवर्ष इस उत्सव का आयोजन किया जाता है।
रावण दहन के साथ अपने भीतर की बुराइयों पर विजय का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी केवल रावण का पुतला जलाने तक सीमित नहीं है। इस पर्व का वास्तविक संदेश अपने भीतर मौजूद काम, क्रोध, मद और लोभ जैसी बुराइयों पर विजय प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का यह पर्व व्यक्ति को आत्ममंथन करने तथा अपने आचरण में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रभु श्रीराम का जीवन सत्य, धैर्य, साहस, त्याग और मर्यादा का उदाहरण है। कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और न्याय का मार्ग नहीं छोड़ना ही उनके जीवन से मिलने वाली प्रमुख सीख है।
छत्तीसगढ़ और प्रभु श्रीराम का आत्मीय संबंध
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम ने छत्तीसगढ़ की धरती पर समय बिताया था। इसी कारण प्रदेश की लोकसंस्कृति और जनमानस में भगवान श्रीराम के प्रति विशेष आस्था है।

उन्होंने अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को देश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि राज्य सरकार की श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिला है।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति का उल्लेख करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को देश के साहस और संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र को अन्याय तथा आतंकवाद जैसी बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सत्य, सेवा, सुशासन और जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकास के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण भी जरूरी है। सभी के सहयोग से समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जा सकता है।

कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, अंजय शुक्ला, सुभाष तिवारी, मनोज वर्मा, सुशील ओझा, उमेश गुप्ता, संजू नारायण, सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
