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R.O. No. 13952/23
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रायपुर। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी पर्व राजधानी रायपुर में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में आयोजित विजयादशमी महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और पूरा मैदान प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी हमें याद दिलाती है कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।

राम के आदर्शों को जीवन में उतारने की जरूरत

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। सच्ची रामभक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करने, अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और मानवता के मूल्यों को अपनाने में है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति किस पक्ष में खड़ा होता है, यही उसके चरित्र और संस्कारों की वास्तविक पहचान है।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति में बसे हैं प्रभु श्रीराम

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रभु श्रीराम से विशेष आत्मीय संबंध है। राज्य को माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने छत्तीसगढ़ के वनांचलों में समय बिताया था। यही कारण है कि यहां की लोकसंस्कृति और जनआस्था में प्रभु श्रीराम का विशेष स्थान है।

ऑपरेशन सिंदूर और माओवाद के खिलाफ अभियान का भी जिक्र

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध भारत की नीति का उल्लेख करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को देश की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विश्वास और खुशहाली का वातावरण बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

श्रीरामलला दर्शन योजना से 49 हजार से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या में रामलला के दर्शन का अवसर मिला है। उन्होंने अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को हुई रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को देश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

पांच दशक से अधिक पुरानी है WRS मैदान की परंपरा

रायपुर का ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान पांच दशकों से अधिक समय से विजयादशमी उत्सव का साक्षी रहा है। यहां हर साल होने वाला रावण दहन भारतीय संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की तथा सभी से समरस और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

 

कार्यक्रम को राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, जयंती भाई पटेल, सूर्यकांत राठौर, आयोजन समिति के प्रमुख जी. स्वामी सहित समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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