कोरबा, 29 सितंबर। एसईसीएल की दीपका परियोजना से प्रभावित हरदीबाजार, रेंकी और सराईसिंगार क्षेत्र के भूविस्थापितों और ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है। 21 सितंबर की उच्चस्तरीय बैठक में मिले आश्वासन के बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए अब 5 अक्टूबर को एसईसीएल के बिलासपुर स्थित सीएमडी कार्यालय के घेराव और तालाबंदी की चेतावनी दी गई है।

ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर सिंह कंवर ने एसईसीएल सीएमडी को पत्र भेजकर प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी दी है। इससे पहले प्रभावित ग्रामीण दीपका ळड कार्यालय में तालाबंदी कर चुके हैं। अब आंदोलन को एसईसीएल के शीर्ष कार्यालय तक ले जाने की तैयारी है।

भूविस्थापितों की मांगों को लेकर 19 सितंबर को दीपका ळड कार्यालय में तालाबंदी की गई थी। इसके बाद 21 सितंबर को बिलासपुर स्थित एसईसीएल मुख्यालय के सीएमडी सभागार में प्रबंधन, ग्रामीणों और कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल की मौजूदगी में बैठक हुई।

बैठक में मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास, मकान नापी और बसाहट समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ मामलों में सहमति बनी थी, जबकि अन्य मांगों पर एसईसीएल प्रबंधन ने 4-5 दिनों में लिखित जवाब देने की बात कही थी। लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी कोई ठोस पहल नहीं होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।

भूविस्थापितों की प्रमुख मांगों में उचित मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं से युक्त बसाहट शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक विस्थापन से जुड़े मामलों का समाधान नहीं होता, तब तक उनके घरों और जमीनों को लेकर आगे की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

21 सितंबर की बैठक के संबंध में सामने आई रिपोर्टों में यह भी बताया गया था कि मुआवजा दिए जाने से पहले हरदीबाजार में मकान नहीं तोड़ने की बात कही गई थी। अब ग्रामीण इसी आश्वासन पर अमल की मांग कर रहे हैं।

ग्राम पंचायत के पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि लंबित मांगों पर तत्काल गंभीर और न्यायपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया तो 5 अक्टूबर को एसईसीएल सीएमडी कार्यालय, बिलासपुर का घेराव और तालाबंदी की जाएगी।

इस तरह दीपका जीएम कार्यालय से शुरू हुआ विरोध अब एसईसीएल के शीर्ष कार्यालय तक पहुंचने की तैयारी में है। आश्वासन और जमीनी कार्रवाई के बीच बढ़ते असंतोष के कारण 5 अक्टूबर का आंदोलन महत्वपूर्ण हो गया है। फिलहाल इस नई तालाबंदी की चेतावनी पर ैम्ब्स् प्रबंधन की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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R.O. No. 13952/23