Good News : अब गांवों के बच्चों के हाथों में होगा भविष्य का विज्ञान, मोबाइल टेक्नोलॉजी लैब से AI, रोबोटिक्स और ड्रोन की पढ़ाई शुरू

रायपुर, 15 जुलाई। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक नई शुरुआत हुई है। विधानसभा परिसर से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ के अंतर्गत तैयार की गई मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह लैब पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों तक पहुंचकर विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), एयरोमॉडलिंग तथा ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) जैसी तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण देगी।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा नई तकनीक से जुड़ने का अवसर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए यह जरूरी है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी आधुनिक तकनीकों से लैस हों। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और आत्मविश्वास विकसित करने का माध्यम भी बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया AI, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीकों के दौर में प्रवेश कर चुकी है। ऐसे समय में गांवों के बच्चों को भी समान अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों में कौशल विकास, रचनात्मकता और प्रयोग आधारित शिक्षा पर जोर देती है। मोबाइल टेक्नोलॉजी लैब इसी सोच को धरातल पर उतारने का प्रयास है, जहां विद्यार्थी तकनीक को केवल समझेंगे ही नहीं, बल्कि स्वयं प्रयोग कर सीखेंगे।

ड्रोन उड़ाने से लेकर रोबोट बनाने तक का मिलेगा प्रशिक्षण

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक संसाधनों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। मोबाइल लैब में विद्यार्थी ड्रोन उड़ाना, रोबोट संचालित करना, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग और AR/VR जैसी तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। इससे उनमें विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी और भविष्य में तकनीकी क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलेंगे।

पहले साल 5 हजार से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचेगी पहल

मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों और सरस्वती शिशु मंदिरों में पहुंचेगी। पांच प्रशिक्षकों की टीम प्रत्येक विद्यालय में तीन से पांच दिनों तक प्रशिक्षण देगी। पहले चरण में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत पहले वर्ष में 5,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।

हैंड्स-ऑन लर्निंग बनेगी सबसे बड़ी खासियत

इस मोबाइल लैब की सबसे बड़ी विशेषता इसकी हैंड्स-ऑन लर्निंग पद्धति है। विद्यार्थी स्वयं AI आधारित गतिविधियों को समझेंगे, रोबोट संचालित करेंगे, ड्रोन उड़ाएंगे, 3डी मॉडल तैयार करेंगे और आधुनिक तकनीकों का वास्तविक अनुभव प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा।

लैब का किया अवलोकन, नवाचार को बताया भविष्य की जरूरत

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मोबाइल लैब का निरीक्षण कर प्रशिक्षण मॉड्यूल और तकनीकी उपकरणों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयोग आधारित शिक्षा बच्चों में सीखने की क्षमता, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास को मजबूत करती है तथा ऐसे नवाचार विकसित छत्तीसगढ़ की नींव को और मजबूत करेंगे।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक भावना बोहरा, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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