’द कश्मीर फाइल्स’ और ‘धुरंधर’ की लीग में शामिल हुई निखिल नंदा की ‘आखरी सवाल’, दशकों तक याद रखा जाएगा इन जांबाज फिल्ममेकर्स का सिनेमा!

मुंबई। भारतीय सिनेमा में पिछले कुछ वर्षों के दौरान ऐसी कई फिल्में सामने आई हैं, जिन्होंने सामाजिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक मुद्दों को बेबाक अंदाज में बड़े पर्दे पर प्रस्तुत किया है। इन फिल्मों ने सिर्फ मनोरंजन तक सीमित रहने के बजाय समाज में नई बहसों को जन्म दिया और दर्शकों को गंभीर विषयों पर सोचने के लिए मजबूर किया। निडर फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों द्वारा बनाई गई इन फिल्मों ने अपने साहसिक विषयों और प्रभावशाली प्रस्तुति के कारण सिनेमा जगत में विशेष पहचान बनाई है।

इसी कड़ी में फिल्म ‘आखरी सवाल’ के जरिए फिल्म निर्माता निखिल नंदा भी उन निर्देशकों और प्रोड्यूसर्स की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने संवेदनशील विषयों को बड़े स्तर पर उठाने का साहस दिखाया है। यह फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’, ‘द केरल स्टोरी’, ‘आर्टिकल 370’ और ‘धुरंधर’ जैसी चर्चित फिल्मों की श्रेणी में अपनी जगह बनाती दिखाई दे रही है। फिल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं बल्कि समाज को एक गहरा संदेश देना बताया जा रहा है।

आखरी सवालनिखिल नंदा द्वारा निर्मित और अभिजीत मोहन वारंग के निर्देशन में बनी फिल्म ‘आखरी सवाल’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े संवेदनशील ऐतिहासिक संदर्भों पर आधारित एक राजनीतिक और गंभीर कहानी प्रस्तुत करती है। फिल्म की बोल्ड स्टोरीटेलिंग और संवेदनशील विषयों को उठाने के कारण इसने समाज में नई बहस छेड़ दी है। फिल्म को निखिल नंदा की निडर सोच और प्रभावशाली सिनेमा के रूप में देखा जा रहा है।

द कश्मीर फाइल्सविवेक अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी ‘द कश्मीर फाइल्स’ 1980 और 1990 के दशक में कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन की त्रासदी पर आधारित है। फिल्म ने इस संवेदनशील विषय को भावनात्मक और गंभीर तरीके से प्रस्तुत किया, जिसने पूरे देश में व्यापक चर्चा को जन्म दिया।

द केरल स्टोरीविपुल अमृतलाल शाह द्वारा निर्मित और सुदीप्तो सेन के निर्देशन में बनी ‘द केरल स्टोरी’ ने धर्म परिवर्तन, मानसिक हेरफेर और कट्टरपंथ जैसे संवेदनशील विषयों को उठाया। फिल्म की कहानी और प्रस्तुति को लेकर देशभर में व्यापक बहस और विवाद देखने को मिले। इसकी अगली कड़ी ‘द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड’ भी चर्चा में रही।

आर्टिकल 370निर्देशक आदित्य सुहास जंभले की फिल्म ‘आर्टिकल 370’ जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने से जुड़े घटनाक्रम और खुफिया अभियानों को दर्शाती है। राजनीतिक ड्रामा और थ्रिलर शैली में बनी इस फिल्म ने एक संवेदनशील विषय को साहसिक तरीके से दर्शकों के सामने रखा।

धुरंधरआदित्य धर के निर्देशन में बनी ‘धुरंधर’ आतंकवाद और देश के गुप्त अभियानों की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म है। फिल्म की कहानी एक अंडरकवर एजेंट ‘हमज़ा’ के इर्द-गिर्द घूमती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक नेटवर्क्स के खिलाफ काम करता है। अपनी प्रभावशाली और यथार्थवादी कहानी के कारण फिल्म ने दर्शकों के बीच व्यापक चर्चा हासिल की।

इन फिल्मों ने यह साबित किया है कि भारतीय सिनेमा अब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि समाज के संवेदनशील और ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर विमर्श का एक सशक्त मंच भी बन चुका है।

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