तहसीलदार की पदस्थापना केवल एसईसीएल कार्य तक सीमित, प्रशासन से दूसरे अधिकारी की मांग

कोरबा 06 फरवरी। हरदी बाजार के तहसील कार्यालय में राज भानू की पदस्थापना तहसीलदार के रूप में की गई है। इसके बावजूद भी न तो पक्षकारों के काम हो पा रहे हैं और न ही वकीलों के। एसईसीएल से संबंधित कामकाजों को निपटाने के लिए अधिकारी का ज्यादा समय बगल के क्षेत्र में गुजर रहा है। इस चक्कर में दूसरे काम लटक रहे हैं। यहा पर आने वाले वकीलों और लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।

कोरबा जिला के हरदी बाजार तहसील कार्यालय इस इरादे से खोला गया ताकि लोगों को राहत हो और वकीलों को भी काम करने का अच्छा मौका मिले। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानों के विस्तार के कारण प्रशासन की पहली प्राथमिकता यहां से जुड़े कामकाज को निपताने की है। दूसरे काम पूरक हो गए है। स्थिति ऐसी है कि हरदी बाजार के तहसील कार्यालय में अधिकारियों की उपस्थिति लगभग शून्य हो गई है या अगर होती भी है तो इसका कोई मतलब निकलता नहीं। पेशी पर आई एक महिला ने बताया कि वह कई घंटे से बैठी है लेकिन उसे नहीं लगता कि उसका काम हो भी। कुछ अधिवक्ता ने बताया कि अधिकारियों की अनुपस्थिति के चक्कर में किसी प्रकार के काम इस कार्यालय में लंबे समय से नहीं हो पा रहे हैं। अभिजीत राजभानु की पदस्थापना जरूर यहां पर की गई है लेकिन उन्हें प्रशासन ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड दीपका के काम में फंसा कर रख दिया है।

अधिवक्ता संघ की उपाध्यक्ष चंद्रकांता राठौर ने बताया कि तहसीलदार का शेड्यूल तय नहीं है कई बार तो ऐसा होता है अधिकारी जब यहां पहुंचते हैं, तब तक वकील और पक्षकार यहां से जा चुके होते हैं। हरदी बाजार के वकीलों और आम लोगों की मांग है कि अगर प्रशासन को यहां के तहसीलदार से केवल एसईसीएल से संबंधित काम ही करना है तो फिर दूसरे काम के लिए दूसरे अधिकारी की पदस्थापना कर दी जाए। ऐसा होने पर लोगों को राहत मिलेगी और उन्हें बेवजह परेशान नहीं होना पड़ेगा।

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