सेवा संकल्प अभियान में बच्चों की रंगों से अभिव्यक्ति, विकसित भारत के सपनों को दी कलात्मक उड़ान, पाटन में ड्रॉइंग-रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया उत्साहवर्धन

रायपुर, 18 सितम्बर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत पाटन के स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ड्रॉइंग एवं रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों, रेखाओं और आकृतियों के जरिए विकसित भारत को लेकर अपनी कल्पनाओं और सपनों को कागज और रंगोली के माध्यम से अभिव्यक्त किया। छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपनी रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

शिक्षा मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव ने प्रतियोगिता में शामिल होकर विद्यार्थियों की कलाकृतियों का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से उनके बनाए चित्रों और रंगोलियों के विषय में बातचीत की तथा उनकी रचनात्मक सोच और कल्पनाशीलता की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।

देश की तरक्की से लेकर पर्यावरण तक, चित्रों में दिखे कई विषय

विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियों में देश की प्रगति, आत्मनिर्भरता, शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान और तकनीक जैसे विषयों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। रंगोली के जरिए भी बच्चों ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत की अपनी कल्पना को आकर्षक रूप दिया। विद्यालय परिसर में सजी रंग-बिरंगी कलाकृतियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा के साथ उनके विचारों को भी सामने रखा।

कलाकृतियों में सिर्फ रंग नहीं, बच्चों के सपने भी

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि बच्चों ने अपनी कला के माध्यम से विकसित भारत की सुंदर तस्वीर को कागज और रंगों पर जीवंत किया है। इन कलाकृतियों में केवल रंग और आकृतियां नहीं हैं, बल्कि बच्चों के सपने, उनकी सोच और देश के भविष्य को लेकर उनकी कल्पनाएं भी दिखाई देती हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सामने रखे गए विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में विद्यार्थियों और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज के विद्यार्थी ही भविष्य के भारत का नेतृत्व करेंगे। इसलिए उनमें रचनात्मक सोच, नवाचार, आत्मनिर्भरता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना जरूरी है।

पढ़ाई के साथ कला और रचनात्मकता को भी मिले अवसर

श्री यादव ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें पढ़ाई के साथ कला, खेल, विज्ञान, तकनीक और दूसरी रचनात्मक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिलना चाहिए। ऐसी गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

प्रतियोगिता से बढ़ता है आत्मविश्वास

शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि किसी प्रतियोगिता में सफलता केवल पुरस्कार हासिल करने तक सीमित नहीं होती। अपनी प्रतिभा को सामने रखना, दूसरे विद्यार्थियों की कलाकृतियों को देखना और उनसे सीखना भी महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजन बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, सहयोग और अपनी प्रतिभा पर विश्वास की भावना विकसित करते हैं।

शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण

श्री यादव ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानकर उसे आगे बढ़ने का अवसर देना विद्यालय और शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के जितने अधिक अवसर मिलेंगे, उनका आत्मविश्वास उतना ही मजबूत होगा।

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए अपनी रचनात्मकता को सामने रखने और विकसित भारत को लेकर अपनी सोच को कलात्मक रूप से व्यक्त करने का अवसर बनी।

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