पेट्रोल डालकर जिंदा जलाई गई पत्नी भावना अग्रवाल की उपचार के दौरान मौत

आरोपी पति गोपाल अग्रवाल पर हत्या का अपराध दर्ज

कोरबा 21 फरवरी। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड कोरबा क्षेत्र के अंतर्गत देलवाड़ीह की पुरानी कॉलोनी इलाके के मुक्तिधाम में पेट्रोल डालकर जिंदा जलाई गई पत्नी भावना अग्रवाल की आखिरकार मौत हो गई। इस मामले में आरोपी पति गोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार करने के साथ जेल भेज दिया गया। मर्ग डायरी मिलने पर 302 के अंतर्गत हत्या का अपराध दर्ज किया जाएगा। आरोपी के विरुद्ध कोर्ट में मुकदमा चलेगा।

कटघोरा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत पिछली रात यह घटना हुई जहां पर डेली नीड्स की दुकान चलाने वाले गोपाल अग्रवाल के द्वारा पारिवारिक कारण से दूसरी पत्नी भावना बरेड अग्रवाल की जान ले ली गई। पेट्रोल डालकर आग लगने से महिला काफी समय तक छटपटाते रही। कुछ देर बाद आसपास के लोगों ने इस बारे में पुलिस को अवगत कराया। घटना में महिला का शरीर 80 फीसदी जल गया था और उसके जीवन पर गंभीर संकट था। कटघोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में औपचारिक रूप से उसे भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने उपचार के दौरान उसकी स्थिति नाजुक पाई और उसे मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल कोरबा रेफर कर दिया। यहां पर उपचार के दौरान भावना की मौत हो गई। कटघोरा के थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी ने बताया कि घटना को देखते हुए पीडिता भावना का मृत्यु पूर्व कथन एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष लिया गया था जिसमें उसके द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया कि पति ने घूमने के बहाने घर से बाहर लाया और मुक्तिधाम क्षेत्र में उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।हायर सेंटर रेफर किए जाने के कुछ घंटे के बाद ही भावना की मौत हो गई। इस प्रकरण में मर्ग डायरी आने के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा के अंतर्गत आरोपी के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज किया जाएगा और कोर्ट में मामले को पेश किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि जो चीज अब तक सामने आई है उनमें मालूम चला है कि पारिवारिक कलह के चक्कर में आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया है।

सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञ बताते हैं कि अलग-अलग कारण से कई प्रकार की घटनाएं विभिन्न परिवारों में देखने को आती है। इनमें कई बार तो ऐसे कारण होते हैं जिन पर सामान्य व्यक्ति भी हैरान हो जाता है कि आखिर लोगों की मानसिकता आखिर किस स्तर की है और वे चीजों को भली-भांति समझ नहीं पाते। कई समस्याएं व्यावहारिक होती है तो कई तकनीकी रूप से जुड़ी होती हैं और इसके लिए आप किसी को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते। इन सबके बावजूद सबसे बड़ी चुनौती इस बात की है कि आखिर समाज में बनी हुई ऐसी समस्याओं का समाधान आखिर कैसे होगा?

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