
प्रधानमंत्री कार्यालय में की गई थी शिकायत, जांच के बाद हुई कार्रवाई
कोरबा 16 नवम्बर। गांव के समीप कोयला उत्खनन करने ब्लास्टिंग करना एसईसीेएल दीपका प्रबंधन को भारी पड़ गया। शिकायत पर खान सुरक्षा निदेशक (डीजीएमएस) ने दीपका विस्तार परियोजना का काम बंद करने कहा है।
साऊथ ईस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की मेगा परियोजना को इस आदेश से झटका लगा है। आदेश ऐसे वक्त आया है, जब खदान वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने लगातार उत्पादन बढ़ा रही है। दरअसल ग्राम मलगांव की ओर खदान का काम चल रहा है। महज 20 मीटर की दूरी पर एसईसीएल प्रबंधन उत्खनन के लिए ब्लास्टिंग कर रहा है। इस पर गांधीनगर हरदीबाजार निवासी अधिवक्ता विनय सिंह राठौर ने 19 अक्टूबर 2024 को एसईसीएल दीपका द्वारा मलगांव में उत्खनन के दौरान बरती जा रही गंभीर लापरवाहियों को उजागर करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि दीपका प्रबंधन पर सुरक्षा मानको को ताक पर रखकर उत्खनन करने का आरोप लगाया था। साथ ही भू विस्थापितों के विस्थापन व मुआवजे की प्रक्रिया पूर्ण किए बिना ही उत्खनन कार्य शुरू करने की भी बात कही। इस पर संज्ञान लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जांच का आदेश दिया गया था। अधिवक्ता विनय ने बताया कि आदेश के परिपालन में डिप्टी डायरेक्टर खान सुरक्षा, बिलासपुर क्षेत्र द्वारा पांच नवंबर 2024 को मलगांव में हो रहे उत्खनन कार्य का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने उत्खनन स्थल पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी ना ही उत्खनन क्षेत्र को आबादी से दूर रखने के लिए फेंसिंग का कार्य किया गया था। नियमानुसार उत्खनन कार्य आबादी या किसी के मकान से 45 मीटर की दूरी रख करना है, पर दीपका द्वारा 20 मीटर दूरी पर ही उत्खनन किया जा रहा था। अधिवक्ता विनय ने बताया कि सुरक्षा जांच में एसईसीएल दीपका को कोल माइन रेगुलेशन 2017 के रेगुलेशन 119(1) , 128(1) का स्पष्ट उल्लंघन करते पाया गया।

