रायपुर। छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बार फिर अपनी पहल सामने रखी है। राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय रोजगार मेले में दो दिनों के दौरान 13 हजार से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। इनमें से 5 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हुआ, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने करीब 1,100 चयनित युवाओं को ऑफर लेटर सौंपे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के युवा अपनी प्रतिभा और योग्यता के आधार पर आगे बढ़ें तथा प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
95 से अधिक नियोजक कंपनियों ने लिया हिस्सा
रोजगार मेले में 95 से अधिक पंजीकृत नियोजकों के साथ विभिन्न कंपनियों ने भागीदारी की। आयोजन स्थल पर लगभग 50 स्टॉल लगाए गए, जहां युवाओं को रोजगार के अवसरों, कंपनियों की आवश्यकताओं और चयन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी ने रोजगार को लेकर उनकी उम्मीदों और रुचि को भी प्रदर्शित किया।
ढाई साल में 925 रोजगार मेले, 25 हजार से अधिक युवाओं को अवसर
राज्य सरकार के अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 925 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है। इन आयोजनों के माध्यम से 25,845 से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। सरकार का दावा है कि रोजगार मेलों और कौशल विकास से जुड़ी पहलों के जरिए युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
ई-रोजगार पोर्टल बनेगा ‘स्किल मार्केट’
रोजगार की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनाने के लिए ई-रोजगार पोर्टल को ‘स्किल मार्केट’ के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके माध्यम से युवाओं की शैक्षणिक योग्यता और कौशल का मिलान कंपनियों की जरूरतों तथा उपलब्ध रिक्तियों से किया जा सकेगा। इससे नौकरी तलाश रहे युवाओं और कर्मचारियों की जरूरत वाली कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता पर भी जोर
कार्यक्रम के दौरान पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता से संबंधित क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की तृतीय पक्ष मूल्यांकन रिपोर्ट भी जारी की गई। इसका उद्देश्य तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता का आकलन कर प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम करना है, ताकि विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक कौशल मिल सके।
चयन से चूके युवाओं के लिए भी अवसर की बात
रोजगार मेले में चयनित अभ्यर्थियों के साथ उन युवाओं के लिए भी उम्मीद जताई गई, जिन्हें इस बार सफलता नहीं मिली। सरकार की ओर से कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से आगे भी अवसर उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
कार्यक्रम में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। रोजगार मेले के जरिए राज्य सरकार ने युवाओं को रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और उद्योगों से जोड़ने की अपनी नीति को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि रोजगार मेले में चयनित युवाओं को नियुक्ति की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और प्रस्तावित ‘स्किल मार्केट’ युवाओं को नौकरी दिलाने में कितना प्रभावी साबित होता है।
