रायपुर – रायपुर कमिश्नरेट और ग्रामीण थाना क्षेत्रों में शनिवार से रविवार के बीच महज 24 घंटे में गुमशुदगी की 159 FIR दर्ज हुईं। इनमें 78 महिलाएं, 54 वयस्क पुरुष, 17 बच्चे और नाबालिग और 10 बुजुर्ग शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद पुलिस सामान्य गुमशुदगी के साथ इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं लापता व्यक्ति को बंधक बनाकर तो नहीं रखा गया या उसे गलत तरीके से छिपाया गया है। हर मामले में परिस्थितियों के आधार पर जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार गुमशुदगी के पीछे पारिवारिक विवाद, पति-पत्नी के बीच अनबन, प्रेम संबंध, आर्थिक परेशानी, बेरोजगारी, नशे की लत, संपत्ति विवाद और घरेलू हिंसा जैसे कारण हो सकते हैं। किशोरों के मामलों में पढ़ाई का दबाव और प्रेम संबंध भी गुमशुदगी की वजह बनते हैं।
शादी के अगले दिन दुल्हन लापता
गोलबाजार थाना क्षेत्र में शादी के अगले ही दिन 25 साल की नवविवाहिता के लापता होने का मामला सामने आया है। वहीं आमानाका क्षेत्र से ट्रक का खलासी, माना कैंप स्थित वरिष्ठजन आश्रम से 72 वर्षीय बुजुर्ग और इलाज के लिए अस्पताल लाई गई 43 वर्षीय महिला के गायब होने की शिकायत भी दर्ज हुई है।
हर एंगल पर जांच जारी
पुलिस का कहना है कि हर गुमशुदगी के मामले की परिस्थितियों के आधार पर जांच की जा रही है। लापता लोगों की तलाश के साथ उनके मोबाइल, संपर्कों और आखिरी लोकेशन की जानकारी जुटाई जा रही है। गंभीर मामलों में यह भी जांच की जा रही है कि गुमशुदगी के पीछे कोई अपराध तो नहीं है।
डीसीपी बोले- सभी गुम मामलों में केस दर्ज
डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद सभी गुम प्रकरणों में अपराध दर्ज कर जांच की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अब देखना होगा कि इस बदली व्यवस्था के बाद पुलिस लापता लोगों तक कितनी जल्दी पहुंचती है।
