मुख्यमंत्री की चौपाल का असर: सुशासन तिहार में की गई घोषणाओं पर त्वरित अमल
रायपुर, 8 मई 2026।कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल एवं बैगा बहुल ग्राम कमराखोल में आयोजित मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के चौपाल कार्यक्रम का सकारात्मक असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। चौपाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर मुख्यमंत्री द्वारा तत्काल घोषणाएं की गई थीं, जिन पर जिला प्रशासन ने तेजी से अमल शुरू कर दिया है।गौरतलब है कि 1 मई से प्रदेशभर में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 4 मई को मुख्यमंत्री ने कबीरधाम जिले के दूरस्थ वनांचल ग्राम कमराखोल में आकस्मिक चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान ग्रामीणों ने पेयजल संकट, मुक्तिधाम में शेड निर्माण और पुराने तालाब के गहरीकरण की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही इन मांगों को स्वीकृति प्रदान की थी।कलेक्टर Gopal Verma ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गांव में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए नलकूप खनन का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 12 लाख 15 हजार रुपये की लागत से दो विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन कार्यों से ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ-साथ जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं गांव में पक्का मुक्तिधाम शेड निर्माण का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत Abhishek Agrawal ने जानकारी दी कि पुराने शासकीय तालाब के गहरीकरण एवं पचरी निर्माण कार्य के लिए 8.48 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस कार्य से 3249 मानव दिवस का रोजगार सृजित होगा तथा लगभग 6.34 लाख रुपये मजदूरी के रूप में ग्रामीणों को प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त मुक्तिधाम शेड निर्माण कार्य से भी ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध होगा और गांव में स्थायी सामुदायिक सुविधा विकसित होगी।ग्रामीणों ने बताया कि पहले पेयजल और अन्य सामुदायिक सुविधाओं के लिए उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब चौपाल में रखी गई मांगों पर त्वरित कार्रवाई होने से ग्रामीणों का शासन-प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है। इन कार्यों से गांव के लगभग 130 विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के लोग सीधे लाभान्वित होंगे। तालाब गहरीकरण से जल संरक्षण मजबूत होगा, जबकि रोजगारमूलक कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

