
कोरबा 17 सितंबर। यातायात नियंत्रण को लेकर किए जा रहे तमाम दावों के बावजूद सभी क्षेत्र में लगातार हादसे हो रहे हैं । बुधवारी मुख्य मार्ग पर पिछली रात्रि लगभग 2.00 बजे के आसपास भारी वाहनों की आपस में टक्कर हो गई। इस घटना में रजनी राजपूत नामक महिला की दुकान बुरी तरह से तहस.नहस हो गई। महिला को भ्रम हुआ कि चोरों ने कोई घटना की है। बाहर आकर देखने पर वह हतप्रभ रह गये। मौके पर सब कुछ चौपट हो चुका था। रजनी ने बताया कि एक वाहन का चालक नाबालिक था और जबरदस्त शराब के नशे में था। महिला ने अपनी दुकान को हुए नुकसान को लेकर नाराजगी जताने के साथ दुर्घटनाग्रस्त वाहन के पहिए के आगे बैठकर विलाप करना शुरू कर दिया। उनकी मांग है कि उसे हुई क्षति की भरपाई कराई जाए और इसी के साथ नशेड़ी चालकों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
नो एंट्री ओपन होने के साथ रात्रि 10 बजे के बाद भारी वाहनों की रफ्तार निरंकुश हो जाती है। इस चक्कर में चालकों को ध्यान ही नहीं रहता कि सड़क पर भी कोई मौजूद है और आसपास में खतरे हो सकते हैं। मध्यरात्रि को रिकांडों रोड पर दो ट्रेलर के आपस में भिडऩे की घटना में एक गरीब परिवार की दुकान बूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। जानकारी के अनुसार नशे की स्थिति में वाहन चलाने से यह घटना हुई जिसमें एक चालक का पैर फैक्चर हो गया और दूसरे को साधारण चोट आयी। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आज सुबह इस घटना को लेकर आसपास के लोगों ने जमकर बवाल मचाया।
मानिकपुर पुलिस ने इस सिलसिले में दोनों ट्रेलर चालकों को अपने कब्जे में ले लिया है। उनके खिलाफ तेज रफ्तार से वाहन चलाने और दुर्घटना कारित कर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रकरण आईपीसी की धाराओं में पंजीबद्ध किया गया है। संबंधित चालकों के ड्राईविंग लाईसेंस पुलिस ने जप्त किये हैं और उक्तानुसार मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत अगली कार्रवाई करने की बात कही है। संबंधित स्त्रोतों से मिली जानकारी में बताया गया कि शुक्रवार की रात दो बजे के आसपास यह घटना महाराणा प्रताप चौराहे से रिकांडों रोड जाने वाले मार्ग पर हुई। एसईसीएल की कोरबा जिले में स्थित खदान से कोयला लेकर ट्रेलर वाहन चांपा और रायगढ़ की दिशा में जा रहे थे। महाराणा प्रताप स्टेच्यु से आगे बढऩे के साथ दो वाहनों में भिड़ंत हो गई। नतीजा यह हुआ कि इस इलाके में मौजूद रजनी राजपूत की दुकान में इस वजह से भारी नुकसान हुआ। सामने और भीतर का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के दौरान हुई आवाज को लेकर भीतर सो रही रजनी राजपूत और उसकी बहन की नींद खुल गई। उस समय दोनों को लगा कि चोरी करने के इरादे से अराजक तत्व यहां घुसे होंगे। यह समझकर जब वे बाहर आयी तो माजरा देखकर सिर पीट लिया। कुछ देर के बाद मौके पर पुलिस और आसपास के लोग एकत्र हो गए। आज सुबह पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को यहां से हटाने की कार्रवाई की।
पुलिस अधिकारियों के पहुंचने के साथ मौके पर आज सुबह लोगों ने भारी वाहनों की रफ्तार को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन के पहिए के सामने रजनी ने काफी देर तक विलाप किया। उसका कहना था कि जिस वाहन से उसकी दुकान को नुकसान पहुंचा है। उसकी भरपायी शत प्रतिशत करायी जानी चाहिए।

