रायपुर. विधानसभा के बजट सत्र में राज्य प्रशासनिक सेवा के दोषी अफसरों का मुद्दा उठा। प्रश्नकाल में विधायक धरमलाल कौशिक ने अभियोजन की स्वीकृति में देर पर सवाल किया। इस पर सीएम विष्णु देव साय ने कहा, कि हमारी सरकार जीरो टालरेंस की नीति पर काम कर रही है। साय ने कहा कि कोई भी भ्रष्टाचारी बख्शा नहीं जाएगा।

प्रश्नकाल में विधायक कौशिक ने पूछा कि 31 जनवरी 2025 की स्थिति में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रथम श्रेणी के कुल कितने पद स्वीकृत है। इसके लिखित उत्तर में सीएम ने बताया कि कुल 255 पद स्वीकृत है और चार पद खाली है। प्रश्नकाल में विधायक कौशिक ने कहा, जब मैंने प्रश्न लगाया तो तीन अधिकारी भरोसा राम ठाकुर, टेकराम माहेश्वरी और ज्योति बबली बैरागी के लिए विवेचना की अनुमति दी गई। विधायक कौशिक ने आगे कहा, इससे भ्रष्ट अधिकारियों की जांच की गंभीरता पता चलती है। इस पर सी एम साय ने कहा, किसी भी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

इनके खिलाफ चल रही जांच

विधानसभा में लिखित उत्तर में दी गई जानकारी के मुताबिक राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर सौम्या चौरसिया, भरोसा राम ठाकुर, टेकराम माहेश्वरी, शिव बनर्जी, ज्योति बबली बैरागी और नारायण प्रसाद गबेल के खिलाफ ईओडब्ल्य व एसीबी में जांच चल रही है। इसके अलावा आरती वासनिक, प्रेम प्रकाश शर्मा और निर्भय कुमार साहू के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है।

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