पार्षद को सडक पर बैठने के लिए मजबूर कर रहा प्रबंधन


कोरबा 14 नवंबर। मुड़ापार से एसईसीएल सीजीएम कार्यालय को जाने वाले मार्ग पर सीवरेज लाइन का पानी सडक से होकर बह रहा है और लोगों को मजबूरीवश इस पर से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है। भाजपा से कांग्रेस में आए पार्षद के द्वारा कई मौकों पर अधिकारियों को जानकारी दी गई लेकिन हुआ कुछ नहीं। पार्षद को ऐसा लगता है कि प्रबंधन उन्हें इस हिस्से पर बैठने के लिए विवश कर रहा है।

साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के अधिकारी जनता के द्वारा निर्वाचित नगरी निकाय क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को बहुत ज्यादा महत्व नहीं दे रहे हैं। इसका पता इस बात से चलता है कि सीजीएम कार्यालय को जाने वाले मुख्य मार्ग पर सीवरेज लाइन का पानी सडक पर बह रहा है। सूर्य उपासना के सबसे बड़े पर्व छठ पूजा के नजदीक होने के बाद भी इस समस्या का समाधान करने में प्रबंधन के द्वारा कोई दिलचस्पी नहीं दी गई है जिससे पार्षद नाराज हैं। सडके आवागमन के लिए ही होती हैं, इसमें कोई संदेह नही। लेकिन कोरबा में एक इलाका ऐसा भी है जहां सडक पर से होकर लगातार पानी की निकासी हो रही है। यह पानी ना तो बरसात का है और ना ही किसी स्थान से होने वाले ओवरफ्लो का। बल्कि इसका सीधा संबंध सीवरेज लाइन से जुड़ा हुआ है जो नाली के क्षतिग्रस्त होने के कारण अब सडक पर बैठे हुए लोगों के लिए सर दर्द बन रहा है। पिछले 3 महीने से इस तरह की समस्या स्श्वष्टरु सीजीएम कार्यालय को जाने वाले मार्ग पर कालीबाड़ी के पास बनी हुई है। सबसे बड़ी परेशानी इस बात की है कि इसी सप्ताह छठ पर्व मनाया जाना है और हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं को इस रास्ते से होकर एसईसीएल शिव मंदिर और अन्य क्षेत्र में स्थित घाट पहुंचना है। नेहरू नगर वार्ड के पार्षद शैलेंद्र सिंह ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि त्योहार के नजदीक होने की जानकारी होने पर सीवरेज लाइन के पानी को सडक पर बहाने के मामले में प्रबंधन के अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। कई बार अवगत कराने के बावजूद गंभीरता नहीं दिखाई गई। वार्ड संख्या 25 से निर्वाचित शैलेंद्र सिंह ने बेबसी के साथ बताया कि अगर विधानसभा चुनाव की आचार संहिता नहीं होती तो वह निश्चित रूप से इस समस्या को लेकर सडक पर पालथी लगाकर बैठते।

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