बीजापुर के एकलव्य स्कूल में छात्राओं से दुर्व्यवहार की शिकायत पर CM साय सख्त, कलेक्टर-SP को जांच के निर्देश, मुख्यमंत्री बोले : बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से समझौता नहीं, शिकायत दबाने या कार्रवाई में देरी पर भी तय होगी जिम्मेदारी

रायपुर, 13 सितंबर 2026। बीजापुर के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप और पुलिस अधीक्षक को प्रकरण की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवासीय विद्यालय और छात्रावास बच्चों के लिए केवल पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि उनके घर की तरह हैं। माता-पिता विश्वास के साथ अपने बच्चों को इन संस्थानों में भेजते हैं और उस विश्वास की रक्षा करना शासन-प्रशासन तथा संस्थान से जुड़े हर अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने निर्देश दिया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर बिना किसी विलंब के विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। यदि शिकायत की अनदेखी करने, उसे दबाने अथवा मामले में लापरवाही बरतने की बात सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।

सिर्फ कार्रवाई नहीं, निगरानी भी बढ़ेगी

मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को प्रदेश के बालिका छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टरों से कहा गया है कि वे इन संस्थानों का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सुरक्षा संबंधी निर्धारित व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो रहा है।

छात्रावासों में अधीक्षकों एवं जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, परिसर की सुरक्षा तथा बच्चों की शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों से जुड़ी शिकायतों में व्यवस्था केवल शिकायत आने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। नियमित निरीक्षण, सतत संवाद और प्रभावी निगरानी के जरिए ऐसी परिस्थितियों को पहले ही पहचानने और रोकने की व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।

बिना डर अपनी बात रख सकें छात्राएं

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्राओं के लिए ऐसा सुरक्षित माहौल बनाया जाए, जिसमें वे बिना किसी भय और संकोच के अपनी बात रख सकें। दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा डराने-धमकाने से संबंधित शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करें। जरूरत पड़ने पर पीड़ित छात्राओं को काउंसलिंग और अन्य आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बेटियां निर्भय होकर पढ़ें, आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा करें, इसके लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश के प्रत्येक आवासीय विद्यालय और छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में लापरवाही बरतने वाले किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

Spread the word