पलायन की समस्या पर बनी फिल्म को टैक्स फ्री करें सरकारः संतोष तिवारी

कोरबा 18 मार्च। कोरबा में पुलिस की सेवाएं देने के बाद कला संस्कृति और फिल्म निर्देशन व कहानीकार के रूप में पहचान बना चुके छत्तीसगढ़ी फिल्म झन जाबे परदेश के डायरेक्टर व प्रोड्यूसर संतोष तिवारी ने प्रेसवार्ता में कहा कि बड़े दुख का विषय है कि छत्तीसगढ़ में सैंकड़ों की तादाद में बन रही अच्छी पटकथाओं की फिल्मों की कहानी को नजर अंदाज कर दीगर प्रदेश की समस्याओं पर बनने वाली फिल्म कश्मीर फाईल, केरला स्टोरी और छावा फिल्मों को टैक्स फ्री कर दिया जाता है लेकिन छत्तीसगढ़ के ज्वलंत समस्या पलायन और दूसरे प्रदेशों में बंधुआ मजदूर जैसी समस्याओं का दंश झेल रहे व अंधविश्वास सहित टोनही प्रताडना पर बनने वाली छत्तीसगढ़ी फिल्मों को टैक्स फ्री के दायरे से दूर रखा जाता है जो छत्तीसगढ़ के कलाकारों और सिनेप्रेमियों के साथ अन्याय है।

संतोष तिवारी ने अपनी फिल्म के बारे में बताते हुए कहा कि 150 से भी अधिक कलाकारों के साथ बनी झन जाबे परदेश की शूटिंग पलायन की समस्या से ग्रस्त ग्रामों के आसपास की गई है। फिल्म के अभिनेता अजय पटेल, अभिनेत्री रितु विश्वकर्मा, सह अभिनेत्री आराध्या सिन्हा ने अब तक 50 से भी अधिक फिल्मों में कार्य किया है। इसके अलावा बाबा देवांगन, मोहित कुमार, रतन कुमार, देवव्रत नाथ, घनश्याम, नायरा खान, मानस रंजन पात्र ने फिल्म में बेहतर प्रस्तुति दी है। निर्माता, निर्देशक संतोष तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ी फिल्मों और उसके कलाकारों के लिए सरकार में बैठे लोगों ने बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो की है लेकिन अब तक जमीनी हकीकत कुछ और ही है। श्री तिवारी ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश के सहयोग से छत्तीसगढ़ी फिल्मों के निर्माण में जुड़े लोगों और कलाकारों के लिए बेहतर कार्ययोजना जरूर बनाई गई है लेकिन इसका लाभ अब तक नहीं मिला है। आने वाले दिनों में अपेक्षाएं की जा सकती है।

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