
नईदिल्ली 11 मई। झारखण्ड की महिला आई. ए. एस. पूजा सिंघल के ठिकानों से बेशुमार सम्पत्ति और नगद राशि बरामद होने के बाद अब छत्तीसगढ़ के 13 आई. ए. एस. और आई. पी. एस. अफसर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के राडार पर हैं। इन अफसरों पर कभी भी ई. डी. की गाज गिर सकती है।
सूत्रों के अनुसार प्रवर्त्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने गत शुक्रवार 6 मई की सुबह आईएएस अधिकारी और झारखंड की खान और उद्योग सचिव पूजा सिंघल के सरकारी आवास और उनके पति के आवास सहित अन्य ठिकानों पर एक साथ धावा बोला था। इस कार्रवाई में 19 करोड़ कैश मिली थी। इतना कैश देख कर ई़डी भी हैरान हो गया था। साथ ही वास्तविक रकम जानने के लिए ईडी को नोट गिनने की मशीन मंगानी पड़ी थी, जिससे की रेड के एक्चुअल कैश का पता चल सके।
इस कार्रवाई में उम्मीद से भी बड़ी सफलता मिलने के बाद अब प्रवर्त्तन निदेशालय (ईडी) का ध्यान ऐसे आई. ए. एस. और आई. पी. एस. अफसरों पर केन्द्रित हो गई है, जिनके खिलाफ करप्शन की शिकायतें हैं। ऐसे अफसरों में अन्य राज्यों के साथ छत्तीसगढ़ के आई. ए. एस. और आई. पी. एस. अफसर भी शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें महाराष्ट्र की हैं। दूसरे नम्बर पर गुजरात फिर केरल का स्थान है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के 13 अफसर शामिल हैं। ये ऐसे अधिकारी हैं जिनकी छवि रुपये छापने की मशीन जैसी बन चुकी है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के आई. ए. एस. और आई. पी. एस. अफसरों पर कभी भी ईडी की गाज गिर सकती है।
उल्लेखनीय है कि एक समय था, जब आई. ए. एस. और आई. पी. एस. अफसर अपनी सेवा भावना के लिए अलग ही पहचान रखते थे। लेकिन हाल के वर्षों में कई अधिकारी ऐसे सामने आए जो सेवा कम और निजी स्वार्थ साधने में अधिक यकीन करते हैं। मध्यप्रदेश की टीना जोशी से लेकर बिहार चारा घोटाला सहित झारखण्ड की पूजा सिंघल की पहचान इसी रूप में बन गई है। आने वाले दिनों में ऐसे ही कई चेहरे सामने आ सकते हैं।

