छत्तीसगढ़: शराब घोटाला केस में E D ने जप्त की 180 करोड़ की नगदी और चल अचल संपत्ति

रायपुर 22 मई। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले केस में IAS और कारोबारियों के 121.87 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। ED ने प्रेस रिलीज जारी कर इसकी जानकारी दी है। जेल रोड स्थित होटल सहित ias, its और कारोबारियों की 121. 87 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। IAS, कारोबारी अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी और अन्य से 121.87 करोड़ की 119 अचल संपत्ति कुर्क की है। मामले में कुल जब्ती और कुर्की लगभग 180 करोड़ रुपये है।

ED द्वारा जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि IAS, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी, अरविंद सिंह और विकास अग्रवाल के खिलाफ 121.87 करोड़ की संपत्तियों कुर्क की गई हैं। इसमें IAS से संबंधित 14 संपत्तियां शामिल हैं, जिनकी कीमत 8.83 करोड़ रुपये है। अनवर ढेबर के संबंध में 69 संपत्तियां हैं, जिसकी कीमत 98.78 करोड़ है। विकास अग्रवाल के संबंध में की 3 संपत्तियां, जिसकी कीमत 1.54 करोड़ रुपये है। वहीं अरविंद सिंह के संबंध में 32 संपत्तियां हैं, जिसकी कीमत 1.35 करोड़ है। इसके अलावा अरुणपति त्रिपाठी की 11.35 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। साथ ही अनवर ढेबर की कुर्क की गई संपत्तियों में होटल वेनिंग्टन कोर्ट, रायपुर शामिल है। जो उनकी फर्म मेसर्स ए ढेबर बिल्डकॉन के तत्वावधान में चलाया जा रहा है।

ED ने जारी किया 2019 से 2022 तक के विवरण

Part-A Commission: CSMCL (शराब की खरीद और बिक्री के लिए राज्य निकाय) द्वारा उनसे खरीदी गई शराब के प्रत्येक मामले के अनुसार डिस्टिलरों से रिश्वत ली गई थी।

Part-B Sale of raw country liquor: बिना हिसाब वाली कच्ची देशी शराब की बिक्री। इस मामले में 1 रुपया भी राज्य के खजाने में नहीं पहुंचा और बिक्री की सारी राशि सिंडिकेट द्वारा जेब में डाल ली गई। अवैध शराब सरकारी दुकानों से ही बेची जा रही थी।

Part-C commission: डिस्टिलर्स से रिश्वत ली जाती है, ताकि उन्हें कार्टेल बनाने और बाजार में निश्चित हिस्सेदारी रखने की अनुमति मिल सके। FL-10A लाइसेंस धारकों से कमीशन जिन्हें विदेशी शराब सेगमेंट में कमाई के लिए पेश किया गया था। इससे पहले ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में भूमिका के लिए अनवर ढेबर, नितेश पुरोहित, त्रिलोक सिंह ढिल्लन और अरुण पति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था।

ईडी ने रायपुर, भिलाई, दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में विभिन्न स्थानों पर 50 से अधिक तलाशी अभियान चलाए हैं और नगदी सहित चल संपत्ति को जब्त करने में सफल रहा है। नकद, सावधि जमा, शेयर और आभूषण सहित 58 करोड़ समेत 180 करोड़ रुपये की जब्ती की गई है।

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