एनटीपीसी प्रबंधन के संरक्षण में हो रहा मजदूरों का शोषण, श्रमिकों ने 15 किलो मीटर पैदल रैली निकाल कर कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन

कोरबा। केएसटीपीएस व एनटीपीसी में श्रमिकों के वेतन से ठेकेदारों के द्वारा अवैध वसूली एवं श्रम कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ आक्रोश भड़क उठा है। केसी जैन मार्ग चौक एनटीपीसी से पैदल रैली कलेक्टर कार्यालय तक निकाली गई।

एनटीपीसी कामगार यूनियन ने बैनर तले ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि केएसटीपीएस/एनटीपीसी भारत सरकार की महारत्न कंपनी जो पूरे देश को विद्युत आपूर्ति करती है। विद्युत कंपनियों में अग्रणी कंपनी होने के नाते एनटीपीसी संयंत्र के आस पास बड़ी संख्या में ठेकेदारो के माध्यम से कार्य करते है एवं अपना जीवन व्यापन करते हैं। कोरबा संयंत्र से प्रचालन एवं अनुरक्षण, सिविल कार्यों को ठेकेदारो के माध्यम से करवाया जाता है। जहां श्रमिको को केन्द्रीय न्यूनतम वेतन लागू है, परन्तु श्रम कानूनो का खुल्लेआम उल्लंघन किया जा रहा है। एनटीपीसी संयंत्र में काम करने वाले ठेका श्रमिको का वेतन भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है। ऑनलाइन वेतन भुगतान के पश्चात् ठेकेदार के मुंशीयों द्वारा वेतन से रूपयों की अवैध वसूली की जाती है। रूपये वापिस नहीं करने पर उन ठेका श्रमिको का डयूटी बंद करवा दिया जाता है। जिसकी शिकायत एनटीपीसी प्रबंधन (मुख्य नियोक्ता) से करने पर ध्यान नहीं दिया जाता है। यहां पर कार्य करने वाले बहुतयात श्रमिको को वेतन पर्ची हाजिरी कार्ड नियुक्ति पत्र पीएफ आदि की जिम्मेदार प्रमुख नियोक्ता की होती है और अगर पीड़ित श्रमिक शिकायत करता है तो उसका कार्ड रोक दिया जाता है और उसे काम से बैठा दिया जाता है। का पैसा देने के लिए मजबूर हो जाता है। जिसके कारण ठेका मजदूर अपना न्यूनतम मजदूरी उनके तय रेट के अनुसार लेने मजबूर हो जाता है। जिस पर कार्रवाई की मांग की गई है।

Spread the word

You may have missed