एनटीपीसी चिकित्सालय में शिशुवती महिलाओं के लिए आयोजित हुआ स्वास्थ्य शिविर कार्यक्रम

कोरबा 30 जून। एनटीपीसी-कोरबा चिकित्सालय में स्तनपान कराने वाली शिशुवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। जिसमे एनटीपीसी-कोरबा के परियोजना प्रमुख राजीव खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कोल्हटकर के मार्गदर्शन में हुए कार्यक्रम में स्वास्थ्य जांच के साथ महिलाओं को जागरूक करते हुए पूरक पोषण आहार दिए गए।

मां स्वस्थ रहेगी, तो निश्चित तौर पर शिशु भी सेहतमंद होगा। खासकर नवजात बच्चों के लिए मां को अपनी देखभाल के लिए गंभीरता से ध्यान रखने की जरूरत है। चूंकि शिशु अवस्था में बच्चों के लिए मां का दूध अमृत है। ऐसे में शिशुवती महिलाओं को चाहिए कि वे अपने दैनिक आहार में उन चीजों को शामिल करें, जिनसे भरपूर पोषक तत्वों की उपलब्धता सुनिश्चित हो। इसके लिए स्थानीय रूप से उपलब्ध पौष्टिकता से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी थाली में शामिल करें।

उक्त कथन एनटीपीसी-कोरबा के विभागीय चिकित्सालय में स्तनपान कराने वाली शिशुवती माताओं के लिए स्वास्थ्य जांच सह पूरक पोषण आहार वितरण शिविर को संबोधित करते हुए एनटीपीसी कोरबा के परियोजना प्रमुख राजीव खन्ना ने कहीं। इस अवसर पर शिशुवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। परियोजना प्रमुख राजीव खन्ना के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर मैत्री महिला समिति की अध्यक्ष श्रीमती रोली खन्ना ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कोल्हटकर के मार्गदर्शन एवं सीएसआर के सहयोग से एनटीपीसी चिकित्सालय परिसर में स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। विशेष रूप से महाप्रबंधक बिभाष घटक, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिभा दास, सीएसआर से सीनियर मैनेजर शशांक छाजड़, डिप्टी मैनेजर वी.के. देशमुख, एनटीपीसी चिकित्सालय के अन्य चिकित्सक एवं एएओ समेत सभी की उपस्थिति में यह शिविर सुचारू एवं सुनियोजित रूप से आयोजित हुआ। इस शिविर के लाभार्थी आस-पास के ग्रामो की वह महिलाएं थीं, जिनके शिशु, नवजात से लेकर एक वर्ष तक के हैं और जो स्तनपान करातीं हैं। स्तनपान के दौरान अधिकांश माताओं को पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।

डॉ. प्रतिभा दास ने इन महिलाओं को जानकारी देते हुए बताया कि किन किन प्रकार के खाद्यों से उन आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति की जा सकती है, जिसके द्वारा मां एवं शिशु दोनों स्वस्थ रह सकें। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि स्तनपान शिशु के लिए क्यों आवश्यक है। परियोजना प्रमुख राजीव खन्ना एवं श्रीमती रोली खन्ना के हाथों से लाभार्थियों को पोषक तत्वों के भरपूर खाद्य सामग्रियां प्रदान की गई।एनटीपीसी-कोरबा के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत अभिनव पहलअपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के हिस्से के रूप में, एनटीपीसी-कोरबा अस्पताल ने एक अनूठा स्वास्थ्य और पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जो विशेष रूप से एनटीपीसी ऐश डाइक क्षेत्र के आसपास के गांवों की स्तनपान कराने वाली माताओं पर केंद्रित था।

इस अवसर पर एनटीपीसी चिकित्सालय कोरबा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कोल्हटकर ने कहा कि जब किसी आंगन में नई किलकारी गूंजती है तो घर-परिवार चहकने लगता है। लोग नवजात बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य के लिए तरह तरह के सुझाव और नुस्खे बताते हैं। लेकिन अक्सर यह देखा जाता है कि शिशु का पोषण जिस पर आश्रित है। उस माता के आहार, व्यवहार या पोषण पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। इसीलिए इस ओर ध्यानाकर्षण करते हुए यह पहल की गई, ताकि शिशुवती माताओं के स्वास्थ्य और उनके आहार की थाली में पौष्टिकता के समावेश की जरूरत पर जोर दिया जा सके। शिविर में आई सभी महिलाओं को सीएसआर एवं चिकित्सालय की ओर से पोषक तत्वों और स्थानीय तौर पर उपलब्ध पोषक आहार के पैकेट का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 46 महिलाएं लाभान्वित हुईं।

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