आर्यिकाओं का गाजे-बाजे के साथ मंदिर प्रवेश

कोरबा 28 मार्च। कोरबा नगर में जैन समाज के लोगों को दो दिन तक जैन साध्वियों की सेवा और ससंघ विहार का अवसर मिला। आर्यिका 105 गुरुमति माताजी और आर्यिका 105 दृढ़मति माताजी का नगर में शुभ प्रवेश हुआ। बुधवार को 42 पिच्छियों के साथ जैन मिलन समाज के लोग बाजे-गाजे के साथ उन्हें दिगंबर जैन मंदिर बुधवारी बाजार लेकर पहुंचे। माताजी का यह ससंघ विहार एक माह तक पैदल चलकर कोरबा नगर पहुंचा। संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर श्री 108 विद्यासागर महाराज के शिष्य व पट्टाचार्य श्री 108 समय सागर महाराज के संघ की पूज्य आर्यिका 105 गुरुमति माताजी और आर्यिका 105 दृढ़मति माताजी का 42 पिच्छियों के साथ ससंघ विहार मंगलवार सुबह से कोरबा की ओर हुआ। इतना बड़ा संघ पहली बार कोरबा पहुंचा।

25 फरवरी से डोंगरगढ़, चंद्रगिरी तीर्थ से सम्मेद शिखर तीर्थ, गिरिडीह, झारखंड की ओर विहार हो रहा है। यह संघ सरईसिंगार, डोंगरी से विहार कर खिसोरा में आहारचर्या के बाद ग्राम पंतोरा में रुका। यह संघ पंतोरा स्कूल से कनवेरी स्कूल पहुंचा, जहां आहारचर्या हुई। इसके बाद संघ सर्वमंगला मंदिर के समीप स्नेह सदन पहुंचा, जहां रात्रि विश्राम हुआ। बुधवार सुबह 6 बजे दिगंबर जैन मंदिर कोरबा के लिए भव्य मंगल प्रवेश हुआ। संपूर्ण जैन समाज के पदाधिकारी और सदस्य इसकी तैयारी में जुटे थे।

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