जीवन है अनमोल….. सुधारानी शर्मा

मनुज तन अनमोल मिला है
इसे ना व्यर्थ गवाएं हम ।
हाथ पर हाथ धरे ना बैठे ,
कुछ तो काम करें हम ।
आंखों में जो सपने पल रहे,
कोशिश कर साकार करें हम ।
यश अपयश की ज्यादा सोचेंगे,
तो आगे ना बढ़ पाएंगे । अपनी अंतरात्मा को पावन रख,
ही जग में नाम कमाएंगे ।
कथनी करनी में अंतर ना हो,
दृढ़ संकल्पित हो जाएं हम ।
आगे बढ़ कर उठा ले बीड़ा ,
मन में इतना साहस हो ।
सुकर्म सहृदय से परमार्थ करें हम,
छल मोह माया ईर्ष्या की ,
तंग गलियों से बाहर निकले हम ।
त्याग दया मेहनत निष्ठा से,
जीवन को धन्य करे हम ।
समय यही है पास हमारे,
जाने कब बीत जाएगा।
बाद में ना हो पछताना,
अभी से सुकर्म करें हम।
देने में जो सुख मिलता है,
संतुष्टि आती जीवन में, एक बार वह पुण्य कमा कर,
जीवन साकार करें हम ।
मनुज तन अनमोल मिला है,
इसे ना व्यर्थ गवाऐ हम।
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सुधारानी शर्मा
सहायक शिक्षक एलबी
शासकीय प्राथमिक शाला -सुरदा
जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़
मो. नंबर- 9993853358

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