हड़ताल पर बैठे एनटीपीसी भू-विस्थापित और उनके परिवारों ने लोकसभा चुनाव बहिष्कार का लिया निर्णय

कोरबा 04 मार्च। कोरबा जिले में स्थापित एनटीपीसी-कोरबा के खिलाफ आम सूचना के अनुसार नौकरी तथा अधिग्रहण के समय, बचे हुए जमीन की मुआवजा व क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर 22 अप्रैल 2023 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर ग्राम चारपारा के 03 भू-विस्थापित विनय कुमार कैवर्त, रामकृष्ण केवट, राकेश कुमार केवट अपने परिवार के सदस्यों के साथ तानसेन चौक कोरबा में बैठे हुए 316 दिन अर्थात 10 माह से अधिक हो रहे हैं।

26 फरवरी को जिला प्रशासन द्वारा बैठक रखी गई जिसमें मांग को लेकर निराकरण के लिए त्रिपक्षीय बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष, अपर कलेक्टर कटघोरा की अध्यक्षता में एनटीपीसी कोरबा और भूविस्थापितो के बीच की गई। आरोप हैं की एनटीपीसी-कोरबा द्वारा भू-विस्थापितों को नौकरी न देने व बचे हुए जमीन के संबंध के गुमराह किया जा रहा हैं, जिसका जवाब भू-विस्थापितो द्वारा जानकारी दस्तावेज के आधार पर दिया जा चुका है, फिर पिछले 9 माह से जमीन और नौकरी देने संबंधित दस्तावेज की जांच चल रही है, निराकरण कब होगा पता नहीं है। आने वाले समय में लोकसभा चुनाव होने वाला है जिसमें आगे आचार संहिता लगेंगी, आचार संहिता के नाम से निराकरण नहीं हो पायेगा। इसलिए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए भू-विस्थापितो व उनके परिवार के सदस्यों ने निर्णय लिया है कि आने वाले लोकसभा चुनाव के पहले मांग का निराकरण नहीं होने पर लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेगें जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन व एनटीपीसी कोरबा की होगी। मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।

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