चुनावी रणभूमिः कांग्रेस की उषा और भाजपा की संजू देवी के बीच कड़ा मुकाबला

साकेत का सिंहासन मिलेगा सामान्य महिला को

कोरबा 05 फरवरी। नगर निगम के गठन के बाद यह तीसरा अवसर होगा जब एक बार फिर साकेत का सिंहासन किसी सामान्य महिला के हिस्से में आएगा। उसे 5 वर्ष तक शहरी क्षेत्र की सत्ता संभालने का मौका मिलेगा। नगर निगम कोरबा में कांग्रेस की उषा तिवारी और भाजपा की संजू देवी राजपूत के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। हालांकि इस पद के लिए चुनावी रणभूमि में 9 और प्रत्याशी हैं।

बता दें सन 1999 में नगर निगम के गठन और अगले वर्ष हुए प्रथम चुनाव में मेयर का पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया था और तब भाजपा की श्याम कंवर के निर्वाचन का रास्ता साफ हुआ। जबकि 10 वर्ष पहले हुए चुनाव में यह पद फिर से सामान्य महिला के खाते में गया और कांग्रेस की रन अग्रवाल को मेयर पद हासिल हुआ। एक बार फिर सामान्य महिला के लिए नगर निगम कोरबा का मेयर पद आरक्षित हुआ है। कांग्रेस ने वरिष्ठ नेत्री उषा तिवारी और भाजपा ने पूर्व पार्षद संजू देवी राजपूत को अपना प्रत्याशी बनाया है। यह दोनों प्रत्याशी पहले भी चुनाव लड़ चुकी हैं लेकिन महापौर के चुनाव में इनके बीच अब टक्कर होती नजर आ रही है। क्षेत्र में दोनों की अपनी इमेज है, संसाधन है, पार्टी के नाते व्यापक जन आधार है और वर्तमान में सरकार की उपलब्धि और स्थानी मुद्दों के साथ लोगों से मेलजोल बढ़ाने एवं समर्थन मांगने के कारण भी है। महापौर चुनाव में 9 और उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। लखनी साहू, संजना पांडेय, प्रीति अग्रवाल, नंदिनी साहू और पांच अन्य ने निर्दलीय के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इनके नाम ईवीएम में दिखेंगे।

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