भूविस्थापितों ने सीजीएम कार्यालय के गेट पर किया प्रदर्शन

कोरबा 05 अगस्त। कोरबा जिले में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के साथ भूविस्थापितों की तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है। दीपिका क्षेत्र में मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के गेट पर उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। वे मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास के मुद्दे पर यहां पर इकऋे हुए। स्थिति को देखते हुए स्थानीय सुरक्षा बल ने सतर्कता दिखाई।

भूविस्थापितों ने अपने संगठन के बैनर पर यह प्रदर्शन किया। यह लोग विभिन्न क्षेत्रों के बताए जा रहे हैं। उनकी जमीन साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड दीपिका क्षेत्र के द्वारा अपनी। कोल माइंस के विस्तार के लिए अधिग्रहित की गई। कहां जा रहा है कि काफी समय इस प्रक्रिया को हो चुका है लेकिन अब तक अधिकांश मामलों में रोजगार नियोजन नहीं हो सका है। पुनर्वास का मसला अटका हुआ है और मुआवजा का भुगतान भी लंबित है। भूविस्थापितों का आरोप है कि उनके मामले में प्रबंधन की ओर से केवल आश्वासन दिया जा रहा है लेकिन काम करने में कोई दिलचस्पी नहीं दी जा रही है। इस वजह से हमारी समस्याएं बढ़ती जा रही है और इसके चलते सामाजिक आर्थिक चुनौतियां पेश आ रही है। मंगलवार को सीजीएम कार्यालय गेट पर हुए प्रदर्शन में पुरुषों के अलावा महिलाएं भी शामिल हुई। इन सभी ने अपने मुद्दे को लेकर कोयला कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने प्रकरणों का निपटारा करने में उपेक्षा बरतने के आरोप लगाए। प्रदर्शन की वजह से कार्यालय पहुंचने वाले कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूत्रों का कहना है कि साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड दीपिका क्षेत्र में भूअर्जन के बाद रोजगार देने की प्रक्रिया में कई तरह की शिकायत प्राप्त हुई। इस दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। गंभीर खामियों के उजागर होने पर प्रशासन ने इस पर नजरें तिरछी की। पता चला कि शताधिक मामलों को रोजगार की दृष्टिकोण से खारिज कर दिया गया। इससे पहले कुसमुंडा क्षेत्र में रोजगार के मसले को लेकर महिलाओं ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया था, जिस पर काफी हंगामा हुआ। बाद में प्रबंधन की ओर से कुसमुंडा पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस प्रकार की हरकतों में अधिकारियों को चिंता में डाल दिया है। इसलिए एसईसीएल के सभी क्षेत्रों में इस प्रकार के प्रदर्शन रोकने के लिए कोशिश की जा रही है।

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