पंपहाउस कालोनी में अस्वच्छ माहौल से लोग भयभीत

कोरबा 15 दिसम्बर। डेंगू के मामले मिलने के बावजूद कोरबा में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की पंपहाउस कालोनी में साफ-सफाई की बेहतरी को लेकर न तो विचार हुआ न काम। बार-बार ध्यानाकर्षण के बावजूद यहां के अस्वच्छ माहौल ने लोगों को भयभीत कर रखा है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर इस इलाके की सफाई कराने की जिम्मेदारी है किसकी।

एसईसीएल पंपहाउस कालोनी में नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं होने को लेकर नागरिकों की शिकायतें कोई एक-दो महीने से नहीं बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। कहने के लिए यह कालोनी है लेकिन तस्वीर देखने से ऐसा लगता नहीं है। जहां-तहां कचरे का ढेर, गंदगी से अटी पड़ी नालियां और यहां-वहां से दुर्गंध को लेकर परेशानी-जैसे यह यहां की सबसे अलग पहचान बन गई है। कोल इंडिया के लिए सेवा देने वाला वर्ग यहां पर निवासरत है जो असामान्य माहौल में रहने को मजबूर है। शिकायत है कि सिविल विभाग के ठेके के बावजूद इस तरह की परेशानियां उनके सामने है। लोगों का सवाल है कि आखिर कंपनी ठेका क्यों दे रही है और ठेकेदार को किस आधार पर भुगतान किया जा रहा है। कालोनी में लगातार डेंगू से लेकर कई बीमारियां पैर पसार रही है। इस बारे में जानकारी होने पर भी गंभीरता नहीं दिखाई जानी समझ से परे है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वार्ड नंबर 14 से ही नगर निगम के महापौर निर्वाचित हैं, इस पर भी न तो समस्या को लेकर निगम का ध्यान है और न ही एसईसीएल का।

यह इलाका कार्पोरेट सेक्टर के स्वामित्व में है। इसके साथ ही नगरीय निकाय के वार्ड नंबर 14 में शामिल है। नगर निगम कोरबा के अंतर्गत 67 वार्ड आते हैं। इनमें से अनेक वार्डों में साफ-सफाई से लेकर बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने का जिम्मा नगर निगम का है जबकि एनटीपीसी, सीएसईबी, बालको, एसईसीएल के अंतर्गत आने वाले वार्डों में इन सुविधाओं के लिए पब्लिक सेक्टर को जिम्मेदारी दी गई है। उक्तानुसार संबंधित क्षेत्रों में ये संस्थाएं काम करती है।

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