कोरोना संकट के समय नि:शुल्क चावल से वंचित हो रहे दत्तक पुत्र

कोरबा, । जनपद पंचायत, सचिव व खाद्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही के कारण दर्जनों कोरवा-बिरहोर विशेष संरक्षित जनजाति एवं अति कमजोर वर्ग समूह के लोगों को सरकार की सस्ता खाद्यान्न योजना के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। अभी लॉकडाउन के दौरान इन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीपीएल राशन कार्ड के लिए पात्र होने के बावजूद इन्हें पेट भरने के लिए राशन हेतु दूसरों के रहमो-करम पर निर्भर होने की मजबूरी है। एक बड़ी लापरवाही से न सिर्फ दर्जनों दत्तक पुत्रों के राशन कार्ड निरस्त हो गए वरन जिनके राशन कार्ड नवीनीकरण हुए, उन्हें बीपीएल से सामान्य कार्डधारी बना दिया गया।
कोरबा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बड़गांव, सुर्वे में यह मामला सामने आया है जिसने दत्तक पुत्रों की गरीबी और मजबूरी को मजाक बना दिया। छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2012 एवं छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2004 अंतर्गत पहाड़ी कोरवाओं, बिरहोरों, पण्डो आदि विशेष संरक्षित जनजातियों के लिए भी बीपीएल राशन कार्ड जारी किए गए थे। अंत्योदय अन्न योजना/विशेष कमजोर समूह के लिए जारी इन बीपीएल कार्डों का सत्यापन भी समय-समय पर वर्ष 2013, 2014 एवं 2017 में भी हुआ। सत्यापनकर्ताओं ने नवीनीकरण के क्रम में इन सभी के कार्ड को बीपीएल श्रेणी में यथावत रखा। शासन की मंशानुरूप इन गरीब और अति पिछड़े वर्ग को भी सस्ता अनाज की सुविधा मिल रही थी। वर्ष 2019 में पुन: राशन कार्डों का नवीनीकरण प्रारंभ हुआ और इसी समय से इनकी समस्या शुरू हुई। रामपुर क्षेत्र के विधायक ननकीराम कंवर के प्रतिनिधि अनिल चौरसिया ने इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले से अवगत कराते हुए इन सभी का गरीबी रेखा राशन कार्ड जारी कराने का आग्रह किया है ताकि लॉकडाउन के दौरान नि:शुल्क एवं शेष दिनों में सस्ता अनाज की सुविधा प्राप्त हो सके। वर्तमान में इनके पास एपीएल कार्ड होने के कारण 10 रुपए प्रति किलो की दर से सरकारी चावल खरीद पाना संभव नहीं हो पा रहा है और काफी मुश्किलों से गुजरकर महंगे दर पर खाद्यान्न लेने के लिए मजबूर हो रहे हैं। विधायक ननकीराम कंवर के पिछले दिनों उपरोक्त गांवों में भ्रमण के दौरान इस आशय की जानकारी मिली तो उन्होंने व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई है। जारी एपीएल और निरस्त हुए राशन कार्ड के धारकों को नि:शुल्क खाद्यान्न दिलाने के लिए निर्देशित करने के साथ ही इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध कार्यवाही के लिए कहा गया है। उचित मूल्य के दुकान संचालक को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है जिसके द्वारा यह सब होने के बाद भी प्रशासन की जानकारी में नहीं लाया गया।
0 इनके कार्ड बने एपीएल और हुए हंै निरस्त
अनिल चौरसिया द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक सुशीला कोरवा/सोहन, सीमा कोरवा/खुरसू, फगी कोरवा/रत्तु, कुुंवर साय/अमर साय, बिरानी/रामू, शुकवारो बाई/मनोहर सिंह सभी निवासी ग्राम पंचायत बड़गांव व ग्राम सुर्वे को नवीनीकरण के बाद बीपीएल की जगह सामान्य श्रेणी वाला एपीएल राशन कार्ड जारी कर दिया गया। इसी तरह विशेष कमजोर समूह की भिन्सारी/अमार, राधा बाई/जयप्रकाश, हीरासाय/बुद्धू, सवनी बाई/नानसाय, सांझी बाई/मनोहर, सुखनी/नगवा, बिहानी/लघवा, शनियारो/राजू, रिची बाई/मुन्नाराम, रामबाई/रामप्रसाद, सुखनीबाई/रामरतन, अमरी बाई/परदेशीराम, मंगली/भूरा, मान कुंवर/चैतराम, अनुपमा/शैलेन्द्र कुमार, शुकवारो बाई/फागुन राम, ननकीबाई/बैसाखू, छुरती बाई/नोहर साय, दुलमुनी/बिफन सभी निवासी ग्राम अरसेना, डोकरमना, बड़गांव, सुर्वे का राशन कार्ड नवीनीकरण के दौरान निरस्त कर दिया गया है।

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