women protest
R.O. No. 13952/23
R.O. No. 13952/23

रायपुर-   महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के विरोध में रविवार को रायपुर में महिलाएं और युवतियां सड़क पर उतरीं। महिला थाना चौक से शुरू हुए मार्च में नारी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की मांग उठाई गई। प्रदर्शन में युवाओं ने भी हिस्सा लिया।

हालांकि, पुलिस ने महिलाओं को मोतीबाग चौक के पास रोक दिया। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘नारी सुरक्षा हमारा अधिकार है, कोई एहसान नहीं’ और ‘एक कचौरी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा!’ जैसे नारे लगाए।

 

स्कूल-कॉलेज से लेकर कार्यस्थलों तक सुरक्षा की मांग

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, महिलाओं की सुरक्षा केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके लिए जमीन पर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। स्कूल-कॉलेजों, सड़कों, सार्वजनिक परिवहन और कार्यस्थलों पर सुरक्षित माहौल होना जरूरी है।

महिलाएं बिना डर के घर से बाहर निकल सकें, इसके लिए प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। इस दौरान मुफ्त सैनिटरी पैड की उपलब्धता, छात्राओं की सुरक्षा, महिला पुलिस की गश्त, वर्क प्लेस पर महिलाओं के अधिकार, साइबर अपराधों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने जैसी मांगें भी रखी गईं। इन मुद्दों को लेकर शासन के सामने 15 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा गया।

महिलाओं की सुरक्षा कोई एहसान नहीं, हमारा अधिकार है

 

प्रदर्शन में शामिल प्रियंका उपाध्याय ने कहा कि, महिलाओं की सुरक्षा कोई एहसान नहीं, बल्कि उनका अधिकार है। हर लड़की को बिना डर के घर से बाहर निकलने और सुरक्षित माहौल में जीने का अधिकार मिलना चाहिए।

वहीं, पुनेश्वर लहरे ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई में युवाओं को भी आगे आना होगा। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उनकी जायज मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

ये लोग रहे मौजूद

इस प्रदर्शन में प्रियंका उपाध्याय, लिली श्रीवास, पुनेश्वर लहरे, मंजिमा सांडिल, मिताली, रागनी, रूबेन, इंडिया उपासना, निधि, सौरभ, उनती, खुशबू, नयनसी, लिज़ा और स्वाति सहित अन्य युवा मौजूद रहे।

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