MDR
R.O. No. 13952/23
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नई दिल्ली : डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों और व्यापारियों के लिए UPI से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया है। यह व्यवस्था पहले 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाली थी। त्योहारी सीजन में व्यापारियों की मांग और भुगतान व्यवस्था की तैयारियों को देखते हुए इसकी शुरुआत आगे बढ़ाई गई है। नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी।

 

15 अक्टूबर से लागू होना था 0.4% MDR चार्ज

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होना था। यह शुल्क डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले पात्र व्यापारियों से लिया जाना है। हालांकि, सभी मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर यह शुल्क लागू नहीं होगा और छोटे व्यापारियों के लिए निर्धारित छूट की व्यवस्था भी बनी रहेगी।

 

ग्राहकों को नहीं देना होगा अतिरिक्त चार्ज

MDR का भुगतान ग्राहक को नहीं, बल्कि संबंधित व्यापारी को करना होता है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई ग्राहक दुकान से ₹4,000 का सामान खरीदकर UPI से भुगतान करता है, तो उसे ₹4,000 ही चुकाने होंगे। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पात्र ट्रांजैक्शन पर लगने वाला MDR व्यापारी की ओर से दिया जाएगा।

 

त्योहारी सीजन में व्यापारियों को राहत

दिवाली से पहले खरीदारी और कारोबार में तेजी आने की संभावना को देखते हुए व्यापारियों ने MDR लागू करने की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की थी। अब इसे दिवाली के बाद तक टाल दिया गया है। इससे व्यापारियों और भुगतान सेवा प्रदाताओं को अपनी व्यवस्था तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

 

नई तारीख का इंतजार, UPI के सभी भुगतान पर नहीं लगेगा शुल्क

MDR लागू करने की नई तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। यह भी स्पष्ट है कि प्रस्तावित शुल्क सभी UPI भुगतानों पर लागू नहीं होगा। व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांजैक्शन पहले की तरह निःशुल्क रहेंगे। ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान और निर्धारित छूट के दायरे में आने वाले छोटे व्यापारियों के लेनदेन पर भी MDR नहीं लगेगा।

 

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