रायपुर। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म और कला जगत में शोक की लहर है। अपने दमदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और अलग अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर के निधन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।
CM साय ने जताया गहरा दुख
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नाना पाटेकर के निधन को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि वे भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता होने के साथ-साथ रंगमंच के विलक्षण कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी भी थे। अपने लंबे फिल्मी सफर में उन्होंने अभिनय की ऐसी पहचान बनाई, जिसे भुला पाना आसान नहीं होगा।
CM साय ने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने अद्भुत अभिनय कौशल, सहज व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से कला और समाजसेवा दोनों क्षेत्रों में अमिट छाप छोड़ी। उनका निधन कला एवं सिनेमा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
नाना पाटेकर का योगदान और उनकी स्मृतियां हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेंगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार, प्रशंसकों एवं कला जगत को इस दुख को सहने की शक्ति दे।
अभिनय की दुनिया में बनाई अलग पहचान
नाना पाटेकर ने फिल्मों के साथ रंगमंच पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। गंभीर और चुनौतीपूर्ण किरदारों से लेकर हास्य भूमिकाओं तक उन्होंने हर भूमिका को अपने अंदाज में जीवंत किया। उनकी संवाद अदायगी और पर्दे पर प्रभावशाली मौजूदगी दर्शकों के बीच खास पहचान रखती थी।
उनके अभिनय की खासियत यह रही कि वे किरदार को केवल निभाते नहीं थे, बल्कि उसमें पूरी तरह उतर जाते थे। यही वजह है कि उनके कई किरदार आज भी दर्शकों की यादों में बसे हुए हैं।
समाजसेवा से भी जुड़ा रहा नाता
फिल्मी दुनिया में सफलता हासिल करने के बावजूद नाना पाटेकर सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे। जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता ने उनके व्यक्तित्व को अभिनेता से आगे एक संवेदनशील इंसान के रूप में भी स्थापित किया।
मुख्यमंत्री साय ने उनके इसी बहुआयामी व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि नाना पाटेकर की कला, संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता लंबे समय तक लोगों को प्रेरित करती रहेगी।
प्रशंसकों में गहरा शोक
नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों में शोक की भावना है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनके अभिनय और यादगार किरदारों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
नाना पाटेकर की आवाज, उनका अभिनय और उनके निभाए किरदार भारतीय सिनेमा की विरासत का हिस्सा बन चुके हैं। उनका जाना कला जगत के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में याद किया जाएगा।
