रायपुर: राजधानी रायपुर के तेजी से विकसित हो रहे कचना, लामांडी और सड्डू क्षेत्र को अब सुनियोजित शहरी स्वरूप देने की तैयारी है। रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा इन क्षेत्रों के लिए तैयार नगर विकास योजना में सड़क, जलापूर्ति, सीवर, बिजली, हरित क्षेत्र और सामाजिक अधोसंरचना को एक साथ विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। योजना का उद्देश्य बिखरे हुए भू-उपयोग को व्यवस्थित करते हुए क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है।
भूमिस्वामियों के लिए क्या है प्रस्ताव?
नगर विकास योजना की खास बात यह है कि किसी भी भूमिस्वामी को भूमिहीन करने का प्रावधान नहीं रखा गया है। योजना के तहत मूल भूखंड का 40 प्रतिशत हिस्सा मिश्रित भू-उपयोग के अंतर्गत अंतिम भूखंड के रूप में देने का प्रस्ताव है। वहीं 100 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल वाले मूल भूखंडों के मालिकों के लिए भी नेबरहुड शॉपिंग क्षेत्र में अंतिम भूखंड का प्रावधान किया गया है।
ऐसे भूखंड जो अलग-अलग हिस्सों में बंटे हुए हैं, उन्हें बसरा नंबर के आधार पर एकीकृत कर संबंधित भूमि के कुल रकबे के अनुसार अंतिम भूखंड देने का प्रस्ताव है। इससे भूमि के बेहतर और व्यवस्थित उपयोग की संभावना बढ़ेगी।
45 मीटर तक चौड़ी सड़कों का प्रस्ताव
योजना में क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग चौड़ाई की सड़कों का प्रावधान किया गया है। इसमें 45 मीटर, 30 मीटर, 24 मीटर और 18 मीटर चौड़ी प्रस्तावित सड़कों के साथ योजना स्तर पर 18 मीटर और 12 मीटर चौड़े मार्ग भी शामिल हैं।
बड़े भूखंडों को प्रमुख एवं चौड़े मार्गों से जोड़ने और छोटे भूखंडों के लिए अपेक्षाकृत कम चौड़ाई वाले मार्गों का प्रावधान करने की योजना है। इससे भविष्य में बढ़ने वाले यातायात और आवागमन को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हरियाली के लिए अलग से जमीन आरक्षित
नगर विकास योजना में पर्यावरण को भी स्थान दिया गया है। योजना क्षेत्र की 7.29 प्रतिशत भूमि खुले स्थान और नगरीय वन के लिए आरक्षित किए जाने का प्रस्ताव है। इसमें करीब 6.7 एकड़ खुला क्षेत्र और लगभग 4.8 एकड़ भूमि पर नगरीय वन विकसित करने की योजना है।
तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र में ऐसे हरित क्षेत्रों को भविष्य में नागरिकों के लिए खुले एवं प्राकृतिक वातावरण के रूप में विकसित किया जा सकता है।
स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस चौकी के लिए भी जगह
योजना में सिर्फ सड़क और आवासीय विकास तक सीमित न रहकर सामाजिक सुविधाओं के लिए भी भूमि आरक्षित की गई है। कुल 7.94 एकड़ भूमि सामाजिक अधोसंरचना के लिए प्रस्तावित है। इसमें विद्युत सब-स्टेशन, पुलिस चौकी, आंगनबाड़ी, विद्यालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाओं के लिए भूमि का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा निम्न आयवर्ग के परिवारों के लिए भी भूमि आरक्षित करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि क्षेत्र का विकास अधिक समावेशी स्वरूप में हो सके।
कई चरणों के बाद तैयार हुई नगर विकास योजना
कचना, लामांडी और सड्डू नगर विकास योजना को लेकर रायपुर विकास प्राधिकरण के संचालक मंडल से 10 सितंबर 2025 को सैद्धांतिक सहमति मिली थी। इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को योजना के आशय की घोषणा राजपत्र में प्रकाशित की गई। प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों पर 12 फरवरी 2026 को गठित अंतर्विभागीय समिति ने सुनवाई की।
इसके बाद प्रारूप नगर विकास योजना को 10 सितंबर 2026 को संचालक मंडल से स्वीकृति मिली और 11 सितंबर 2026 को इसका प्रकाशन किया गया।
अंतिम आवंटन अभी तय नहीं, 10 अक्टूबर तक दावा-आपत्ति
रायपुर विकास प्राधिकरण के अनुसार योजना में दिखाया गया अंतिम भूखंड आवंटन फिलहाल प्रस्तावित है। छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम की धारा 50(3) के तहत संबंधित पक्षों से दावे और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
दावे एवं आपत्तियां 10 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तुत की जा सकती हैं। इसके बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों पर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया होगी।
कुल मिलाकर कचना, लामांडी और सड्डू के लिए प्रस्तावित नगर विकास योजना में जमीन के व्यवस्थित उपयोग के साथ बेहतर सड़क नेटवर्क, हरित क्षेत्र और जरूरी नागरिक सुविधाओं को एक साथ विकसित करने की रूपरेखा सामने रखी गई है। योजना के आगे बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों के शहरी स्वरूप में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है।
