रायपुर- रायपुर में एक जिंदा महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताकर उसका अंत्योदय राशन कार्ड निरस्त करने का मामला सामने आया है। पूर्व खाद्य मंत्री और कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने दस्तावेज और वीडियो के साथ यह मामला उठाते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने सरकार से जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और महिला का राशन कार्ड दोबारा चालू करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में दो साल में 1,17,867 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। सरकार को जांच करनी चाहिए कि कहीं दूसरे पात्र लोगों के कार्ड भी गलत जानकारी के आधार पर तो निरस्त नहीं किए गए।
जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताया
कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर के मुताबिक, रायपुर के सुभाष नगर की रहने वाली साकरा बानो जीवित हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया। इसके बाद उनका अंत्योदय राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया। इससे महिला को राशन मिलना बंद हो गया।
मोहम्मद अकबर ने वीडियो जारी कर इस मामले के बारे जानकारी दी है। इस वीडियो में महिला राशन कार्ड से जुड़े दस्तावेज दिखा रही है। महिला ने बताया कि उसका नाम साकरा बानो है और वो सुभाष नगर की रहती है। उसके पति का नाम मोईनुद्दीन है। वो अब नहीं रहे। उसने बताया कि मुझे मृत समझकर मेरा गरीबी रेखा कार्ड रद्द कर दिया गया है।
अकबर ने कहा कि यह सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड में गलती का मामला नहीं है, बल्कि एक गरीब परिवार को उसके खाद्य सुरक्षा के अधिकार से वंचित करने का गंभीर मामला है।
दो साल में 1.17 लाख से ज्यादा राशन कार्ड निरस्त
मोहम्मद अकबर ने राशन कार्ड निरस्त किए जाने के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में साल 2024 में 57,371 और साल 2025 में 60,496 राशन कार्ड निरस्त किए गए। इस तरह दो साल में कुल 1,17,867 राशन कार्ड निरस्त हुए।
उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में राशन कार्ड निरस्त करने से पहले क्या सभी मामलों की ठीक से जांच की गई थी? क्या जिन परिवारों के कार्ड निरस्त किए गए, उन्हें इसकी जानकारी दी गई? क्या उन्हें अपनी बात रखने का मौका मिला?
अकबर ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि राशन कार्ड निरस्त करने के लिए किन नियमों का पालन किया जा रहा है। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सरकारी रिकॉर्ड में गलती के कारण किसी पात्र परिवार का राशन बंद न हो।

प्रदेश में 83.33 लाख राशन कार्ड
अकबर ने विभागीय आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में फिलहाल 83.33 लाख राशन कार्ड चल रहे हैं। इनमें 274.04 लाख सदस्य पंजीकृत हैं। साल 2025 की अनुमानित 3.08 करोड़ आबादी के हिसाब से प्रदेश में करीब 89 प्रतिशत लोगों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ सभी पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए अभी और प्रयास करने की जरूरत है। राशन कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी जरूरतमंद परिवार को राशन से वंचित न होना पड़े।
खाद्य मंत्री से की कार्रवाई की मांग
मोहम्मद अकबर ने खाद्य मंत्री से साकरा बानो के मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो और महिला का अंत्योदय राशन कार्ड बहाल किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने पिछले दो साल में निरस्त किए गए सभी राशन कार्डों की समीक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह जांच होनी चाहिए कि कहीं किसी जीवित व्यक्ति को मृत बताकर या सरकारी रिकॉर्ड में दूसरी गलती के कारण किसी पात्र परिवार का राशन कार्ड तो निरस्त नहीं किया गया है।
अकबर ने सवाल उठाया कि क्या सरकार सभी पात्र परिवारों तक राशन पहुंचाने और निरस्त किए गए कार्डों की पारदर्शी तरीके से समीक्षा करने के लिए ठोस कदम उठाएगी? उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना का मकसद जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना है, न कि सरकारी रिकॉर्ड की गलती के कारण उनका अधिकार छीनना।
