
धमतरी | 3 अक्टूबर 2025| छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला अस्पताल में एक महिला ने एक अत्यंत दुर्लभ शारीरिक विकृति से पीड़ित नवजात को जन्म दिया, जिसे मेडिकल भाषा में ‘मरमेड सिंड्रोम’ (Sirenomelia) कहा जाता है। इस दुर्लभ स्थिति में नवजात के दोनों पैर आपस में जुड़े हुए थे, जिससे उसका शरीर का निचला हिस्सा जलपरी (मरमेड) की तरह दिखाई दे रहा था।
केवल 3 घंटे जीवित रहा नवजात
जन्म के बाद शिशु को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया, लेकिन वह केवल तीन घंटे ही जीवित रह सका। डॉक्टर्स के अनुसार, इस सिंड्रोम में आंतरिक अंगों का पूर्ण विकास नहीं होता, खासकर गुर्दे और मूत्राशय जैसे अंग बेहद प्रभावित होते हैं।
मरमेड सिंड्रोम क्या है?
मरमेड सिंड्रोम (Sirenomelia) एक रेयर जन्मजात विकृति है जिसमें नवजात के निचले अंग आपस में जुड़ जाते हैं, जिससे वह दिखने में जलपरी जैसा प्रतीत होता है। इसका कारण अब तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान पोषण की कमी, खराब ब्लड सप्लाई, या जेनेटिक गड़बड़ी को इसकी संभावित वजह माना जाता है।

