नागोया (जापान) स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगेहन ने एशियन गेम्स में अपने करियर का पहला गोल्ड मेडल जीत लिया है। उन्होंने महिलाओं की 75 किलोग्राम वेट कैटेगरी में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया।
28 साल की लवलीना एशियाड में बॉक्सिंग का गोल्ड मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बनी हैं। उनसे पहले मैरी कॉम 2014 में चैंपियन बनी थीं।
इससे भारत की महिला आर्चरी टीम ने गेम्स के इतिहास में पहली बार रिकर्व कैटेगरी का गोल्ड दिलाया। इस टीम में अंकिता भगत, कीर्ति और कुमकुम की टीम ने 10 बार की ओलिंपिक चैंपियन साउथ कोरिया को 5-3 से हराया।
जापान के नागोया में चल रहे गेम्स के 13वें दिन भारत के 12 गोल्ड समेत 70 मेडल हो गए हैं। वह मेडल टैली के छठे स्थान पर आ गया है।
किसान की बेटी लवलीना एशियन चैंपियन बनीं
25 साल की लवलीना बोरगोहेन असम के किसान परिवार में जन्मी हैं। वे NCOE गुवाहाटी में ट्रेनिंग करती हैं। लवलीना ने 2018 और 2019 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में लगातार ब्रॉन्ज जीते।
टोक्यो 2020 ओलिंपिक में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने 2022 एशियन गेम्स और 2023 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर अपनी पहचान मजबूत की। उन्हें अर्जुन अवॉर्ड और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड मिल चुका है।
