IIFA कॉन्क्लेव में छाया अरुणाभ कुमार और करण जौहर का खास मोमेंट!

IIFA कॉन्क्लेव में साथ दिखीं एंटरटेनमेंट जगत की दो बड़ी हस्तियां, TVF की सफलता पर फिर हुई चर्चा

मुंबई। डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकी द वायरल फीवर (TVF) आज देश के सबसे सफल कंटेंट प्रोडक्शन हाउसों में गिनी जाती है। अपने यथार्थपरक और दर्शकों से जुड़ाव रखने वाले शोज़ के दम पर TVF ने वर्षों में एक मजबूत दर्शक वर्ग तैयार किया है। इसके संस्थापक अरुणाभ कुमार का उद्देश्य हमेशा ऐसे युवाओं तक पहुंचना रहा, जो पारंपरिक टेलीविजन कंटेंट से दूरी बना रहे थे।हाल ही में आयोजित IIFA कॉन्क्लेव में एक खास क्षण देखने को मिला, जब TVF के संस्थापक अरुणाभ कुमार और बॉलीवुड फिल्म निर्माता करण जौहर एक साथ नजर आए। दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में नई सोच और रचनात्मकता के लिए जाने जाते हैं। जहां करण जौहर ने रोमांटिक फिल्मों के जरिए हिंदी सिनेमा को नई दिशा दी, वहीं अरुणाभ कुमार ने डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले।अरुणाभ कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर GoKwik के चीफ ग्रोथ ऑफिसर वर्गब बक्शी और करण जौहर के साथ एक तस्वीर साझा की। इस पोस्ट ने मनोरंजन और डिजिटल कंटेंट जगत में नई चर्चाओं को जन्म दिया।TVF ने अपने सफर की शुरुआत यूट्यूब वीडियोज़ से की थी और आज यह OTT प्लेटफॉर्म्स पर सबसे भरोसेमंद कंटेंट ब्रांड्स में शामिल है। संस्था ने ‘परमानेंट रूममेट्स’, ‘पिचर्स’, ‘ट्रिपलिंग’, ‘एस्पिरेंट्स’, ‘पंचायत’, ‘कोटा फैक्ट्री’ और ‘गुल्लक’ जैसे लोकप्रिय शो दर्शकों को दिए हैं, जिन्हें देश-विदेश में सराहना मिली है।

अब TVF वेब सीरीज के साथ-साथ फिल्मों के क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में कंपनी जल्द ही ‘व्वान’ जैसी फिल्मों के साथ बड़े पर्दे पर भी अपनी पहचान बनाने की तैयारी कर रही है।

इस बीच प्राइम वीडियो के प्रेसेंटेशन इवेंट में भी TVF का दबदबा देखने को मिला। कंपनी ने ‘व्वान’ और ‘कॉलेज फेस्ट’ जैसी फिल्मों के साथ-साथ ‘पिरामिड’ और ‘वंश’ जैसे नए प्रोजेक्ट्स की घोषणा की। वहीं ‘एस्पिरेंट्स’, ‘पंचायत’, ‘ग्राम चिकित्सालय’, ‘सपने vs एवरीवन’ और ‘संदीप भैया’ के नए सीजन की जानकारी ने दर्शकों का उत्साह और बढ़ा दिया।

डिजिटल कंटेंट की दुनिया में लगातार नए प्रयोग और प्रभावशाली कहानियों के जरिए TVF आज भारतीय मनोरंजन उद्योग की सबसे प्रभावशाली संस्थाओं में से एक बन चुका है। अरुणाभ कुमार का यह सफर नवाचार, दूरदृष्टि और सशक्त कहानी कहने की कला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

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